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कटघरे में नारी निकेतन की महिला अधिकारी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 07 Dec 2015 03:58 PM IST
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मूक बधिर संवासिनी से रेप के आरोपी और गर्भपात कराने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब महिला अधिकारियों की बारी है।
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चहारदीवारी के अंदर हुए नापाक खेल से वह अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती हैं। इस संबंध में पुलिस साक्ष्यों के संकलन में जुट गई है। नारी निकेतन में संवासिनी के गर्भपात का मामला वहां की महिला अधिकारियों के संज्ञान में ना रहा हो, ऐसा कैसे हो सकता है? इस प्रकरण में एक नहीं, कई ऐसे फैसले लिए गए जिसे निचले स्तर के कर्मचारी अकेले नहीं कर सकते।
दूसरा, संवासिनी से दुराचार और गर्भपात मामले में सीधे उनकी जिम्मेदारी तय होने वाली नहीं थी। जाहिर है कि मोहरों को इस्तेमाल करने में जरूर किसी का मास्टर दिमाग रहा होगा। पुलिस इसी दिशा में जांच को आगे बढ़ा रही है। मामले में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है।
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कुछ बयानों में संदिग्ध अधिकारी का जिक्र आने के बाद पुलिस सत्यापन करने में जुटी है। गर्भपात की रात की कॉल डिटेल जांच में मददगार बन रही है। दो संवासिनी और एक कर्मचारी का बयान कलमबंद कराने से भी मदद मिल रही है। एक तो पुलिस की कार्रवाई पुष्ट होगी, दूसरा बचे लोगों पर कार्रवाई करने की राह आसान होगी।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते का कहना है कि नारी निकेतन प्रकरण में जिसके खिलाफ भी साक्ष्य आएंगे, उस पर कार्रवाई होगी। साक्ष्यों के आधार पर अब तक कार्रवाई हुई है।