देहरादून: नारी निकेतन में अचानक बिगड़ी 28 संवासिनियों की तबीयत, जांच को पहुंची विभाग की टीम
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नारी निकेतन में भर्ती दो दर्जन से अधिक संवासिनियां पिछले दो दिनों से उल्टी और बुखार से पीड़ित हैं। तबीयत बिगड़ने पर रविवार सुबह डॉक्टरों की टीम नारी निकेतन पहुंची और भोजन, पानी के सैंपल लिए। साथ ही सभी संवासिनियों के ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं। एसीएमओ डा. केके सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी भेज दी गई है।
बीती शनिवार को संवासिनियों का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसीएमओ डा. केके सिंह की अगुवाई में डॉक्टरों की टीम ने नारी निकेतन पहुंचकर संवासिनियों के स्वास्थ्य की जांच की।
रविवार सुबह एक बार फिर डॉक्टरों की टीम नारी निकेतन पहुंची और सभी बीमार संवासिनियों के ब्लड सैंपल लिए। टीम ने भोजन और पानी के भी सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। साथ ही पूरे परिसर में ब्लीचिंग पाउडर व अन्य दवाओं का छिड़काव भी किया गया। जिला मलेरिया अधिकारी सुभाष जोशी व अन्य कर्मियों ने भी दवाओं का छिड़काव किया।
विवादों में रहा नारी निकेतन
डा. केके सिंह ने बताया कि सभी संवासिनियों को वायरल बुखार और उल्टी की शिकायत थी। उन्हें फिलहाल दवाएं दी गई हैं। ब्लड रिपोर्ट आने के बाद ही तबीयत बिगड़ने के कारणों का पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। एसीएमओ डा. दयाल शरण ने भोजन और पानी में गड़बड़ी के चलते बीमार होने की आशंका जताई है।
विवादों में रहा नारी निकेतन
नारी निकेतन पहले भी कई बार विवादों में रहा है। निकेतन में संवासिनियों के यौन शोषण तक के मामले सामने आ चुके हैं। इस मामले के सामने आने के बाद कई कर्मचारियों को दोषी पाया गया था। इस पूरे मामले का अमर उजाला ने खुलासा किया था। इसके बाद नारी निकेतन की दशाओं में काफी सुधार आया। उनके भोजन और पानी की बेहतर व्यवस्था बनाने के साथ ही साफ-सफाई व संवासिनियों की बेहतरी के लिए भी काम किया गया। हालांकि समय बीतने के साथ ही एक बार फिर व्यवस्थाएं बिगड़ने लगी है।