फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun Nagar Nigam two to 50 thousand rupees will have to be paid for Dakhil kharij

Dehradun: 24 साल बाद शुल्क में होगी बढ़ोतरी, दाखिल खारिज के लिए चुकाने होंगे दो से 50 हजार रुपये

Thu, 02 Feb 2023 11:02 PM IST
अलका त्यागी हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 02 Feb 2023 11:02 PM IST
सार

वर्ष 1999 से नगर निगम की सीमा में संपत्तियों के दाखिल खारिज के लिए 150 रुपये शुल्क निर्धारित है। निगम का कहना है कि दाखिल खारिज के लिए डाक से एक नोटिस भेजने पर 35 रुपये खर्च होता है।

विज्ञापन
Dehradun Nagar Nigam two to 50 thousand rupees will have to be paid for Dakhil kharij
नगर निगम देहरादून - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

24 साल बाद देहरादून नगर निगम दाखिल खारिज के शुल्क में भारी बढ़ोतरी करने जा रहा है। अभी तक सभी तरह के दाखिल खारिज के लिए 150 रुपये चुकाने पड़ते हैं। लेकिन, अब स्टांप शुल्क के आधार पर आवासीय, गैर आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति के लिए अलग-अलग दरें चुकानी होंगी। यह शुल्क दो से 50 हजार तक होगा। निगम की ओर से इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।

विज्ञापन


दरअसल, वर्ष 1999 से नगर निगम की सीमा में संपत्तियों के दाखिल खारिज के लिए 150 रुपये शुल्क निर्धारित है। निगम का कहना है कि दाखिल खारिज के लिए डाक से एक नोटिस भेजने पर 35 रुपये खर्च होता है। देश के बाहर नोटिस भेजने पर 90 रुपये तक खर्च होता है। इसलिए जो शुल्क निर्धारित है, वह काफी कम है। दाखिल खारिज और टैक्स की ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से भी काफी खर्च हुआ है।
विज्ञापन


Virat-Anushka: ऋषिकेश के आश्रम में अनुष्ठान में शामिल हुए विरुष्का, भंडारा कर संतों को कराया भोजन, तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछली बोर्ड बैठक में दाखिल खारिज शुल्क पांच हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया था। साथ ही आवासीय संपत्तियों के दाखिल खारिज के लिए निर्धारित स्टांप का एक फीसदी और व्यावसायिक संपत्ति के लिए निर्धारित शुल्क का दो फीसदी का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन, बोर्ड ने इस प्रस्ताव को टालकर निर्धारण के लिए एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने अब दाखिल खारिज के शुल्क के लिए अपनी रिपोर्ट दे दी है।

कमेटी की ओर से सुझाया गया शुल्क

विरासत, उत्तराधिकारी, वसीयत, बंटवारानामा, कोर्ट के निर्णय के आधार पर दाखिल खारिज : 2000

आवासीय संपत्ति

  • सात लाख रुपये मूल्य के पंजीकृत विलेख मूल्य पर : 2000
  • सात लाख रुपये से 15 लाख मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 4600
  • 15 लाख से 50 लाख मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 6000 रुपये
  • 50 लाख से एक करोड़ रुपये के पंजीकृत विलेख पर : 20,000
  • एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 30,000


गैर आवासीय, व्यवसायिक, गैर आवासीय संपत्ति

  • 20 लाख मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 8000
  • 20 लाख से 40 लाख मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 15,000
  • 40 लाख से 80 लाख मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 25,000
  • 80 लाख अधिक मूल्य से अधिक मूल्य के पंजीकृत विलेख पर : 50,000
     

दाखिल खारिज का शुल्क काफी कम होने से निगम को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लिहाजा शुल्क बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है। कमेटी ने नया शुल्क निर्धारित किया है। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
- मनुज गोयल, नगर आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed