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लिटरेचर फेस्टिवल: इम्तियाज अली ने कहा- लिखने के लिए ट्रेन से सफर करना पसंद, रस्किन बॉन्ड की यह किताब बनी मददगार

Mon, 04 Apr 2022 04:24 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 04 Apr 2022 04:24 PM IST
सार

देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने रस्किन बॉंड की किताब ‘द नाइट ट्रेन एट देवली’ का जिक्र किया। वहीं लेखक रस्किन बॉन्ड ने कहानी लिखने के गुर बताए। कहा- पहले मन में कहानी को करें विजुअलाइज फिर लिखना शुरू करें।

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Dehradun Literature Festival 2022, Imtiaz Ali shares his experiences with Ruskin Bond book
इम्तियाज अली, रस्किन बॉन्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तीन दिवसीय देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल (डीएलएफ) के अंतिम दिन प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड और फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली के बीच ‘ मास्टर स्टोरी टेलर्स इन कन्वर्सेशन’ नामक एक वेब प्रसारण सत्र आयोजित किया गया। दर्शकों को संबोधित करते हुए इम्तियाज ने कहा कि मुझे अपनी फिल्मों की कहानी लिखने के लिए ट्रेन से सफर करना बहुत पसंद है।

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प्रसिद्ध लेखक रस्किन बॉन्ड की किताब ‘द नाइट ट्रेन एट देवली’ से मेरे अंदर सफर करने की आदत और भी विकसित हो गई है। राइटर्स ब्लॉक के बारे में बात करते हुए लेखक रस्किन बॉन्ड ने कहा कि किसी भी लेखक को राइटर्स ब्लॉक से बचने के लिए अपनी कहानी को अपने मन में अच्छे से विजुअलाइज करना चाहिए। किसी भी लेखक के लिए मजबूत विजुअलाइजेशन ही कुंजी है। इस दौरान लेखक रस्किन बॉन्ड और फिल्म निर्देशक इम्तियाज ने दर्शकों को अच्छी कविता व कहानी लिखने के गुर भी बताए।
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लोकप्रिय लेखिका प्रीति शेनॉय कोई भी किताब लिखने से पहले उसके किरदार को जीती हैं। देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में किरण मनराल ने भी ‘क्रिएटिव कॉम्प्लेक्स कैरेक्टर’ विषय पर आयोजित सत्र में अपने विचार रखे। प्रीति शेनॉय ने कहा कि मैं जो भी किताब लिखती हूं, उसमें जानबूझकर एक जटिल चरित्र लिखने का प्रयास नहीं करती हूं। लिखने के लिए मुझे हर उस चीज का अनुभव करने की जरूरत होती है जो वह चरित्र अनुभव कर रहा है।

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प्रिया मलिक की हर कविता पर जमकर बजीं तालियां

अभिनेत्री और कवयित्री प्रिया मलिक की हर कविता पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। मूल रूप से देहरादून निवासी प्रिया अपनी कविताओं से अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। देहरादून लिटरेचल फेस्टिवल में प्रिया मलिक अलग ही अंदाज में नजर आईं और दर्शकों से खूब बातें की।


दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री वेंकटेश्वर कॉलेज और ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद प्रिया ने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षक के रूप में की थी। अमर उजाला से बात करते हुए प्रिया ने कहा कि प्रकृति के अन्य प्राणियों की तुलना में मनुष्य में चेतना शक्ति की प्रबलता होती है।

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वह अपनी कविताओं से कवि मानवता, प्रेम, एकता, दया, करुणा, परोपकार, सहानुभूति, सद्भावना और उदारता से परिपूर्ण जीवन जीने का संदेश देना चाहती हैं। प्रिया देश के कई राज्यों में आयोजित कार्यक्रमों में अपनी कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर चुकी हैं। वहीं इस मौके पर विभिन्न कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने प्रिया के साथ जमकर सेल्फी लेने के साथ उनके कविताएं लिखने के गुर भी जाने।

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