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देहरादून: राजद्रोह के आरोप में पत्रकार गिरफ्तार, झूठी खबरें प्रकाशित करने का आरोप

Sun, 02 Aug 2020 11:26 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 02 Aug 2020 11:26 AM IST
सार

  • मुख्यमंत्री पर झूठे आरोप लगाए, साजिश के तहत प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के प्रयास का आरोप
  • पुलिस ने पत्रकार राजेश शर्मा को कोर्ट में किया पेश, कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

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Dehradun: Journalist arrested for treason, accused of publishing false news
पत्रकार गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झूठी खबरें प्रकाशित कर राजद्रोह करने के आरोप में नेहरू कालोनी पुलिस ने देहरादून के एक समाचार पत्र संचालक राजेश शर्मा को गिरफ्तार किया है। मुकदमे में एक चैनल के पूर्व सीईओ उमेश शर्मा और पर्वतजन पोर्टल के संचालक शिव प्रसाद सेमवाल समेत तीन और नामजद हैं। आरोप है कि इन सभी ने मुख्यमंत्री पर झूठा आरोप लगाते हुए साजिश के तहत प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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जानकारी के मुताबिक, पूर्व प्रोफेसर और कॉलेज ऑफ एजुकेशन मियांवाला के प्रबंधक डॉ. हरेंद्र सिंह रावत (निवासी एस-1 डी-6 डिफेंस कॉलोनी) ने थाना नेहरू कॉलोनी में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया कि उनके परिचित ज्योति विजय रावत ने उन्हें जानकारी दी है कि उमेश शर्मा नामक व्यक्ति ने फेसबुक के माध्यम से सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट की है।
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इसमें उसने उनके और उनकी पत्नी सविता रावत के बैंक खाते में नोटबंदी के दौरान झारखंड के एक व्यक्ति अमृतेश चौहान द्वारा झारखंड गौ सेवा आयोग का अध्यक्ष बनाने के एवज में बतौर रिश्वत धनराशि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को देने के लिए भेजना बताया है। धनराशि के लेनदेन से संबंधित फर्जी दस्तावेज वीडियो के माध्यम से दिखाए गए। साथ ही यह भी दावा किया गया कि उनकी पत्नी मुख्यमंत्री की पत्नी की सगी बड़ी बहन है। उन्होंने आरोप लगाया कि उमेश शर्मा और अमृतेश चौहान ने उनकी निजी सूचनाओं को गैरकानूनी तरीके से प्राप्त करते हुए सार्वजनिक किया। 
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पुलिस के मुताबिक तहरीर के बाद जब वीडियो में दिखाए गए सभी तथ्यों की जांच राजपत्रित अधिकारी से कराई गई तो सभी दस्तावेज कूटरचित पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि उमेश शर्मा ने ही पर्वतजन पोर्टल, पहाड़ टीवी समाचार चैनल और क्राइम स्टोरी समाचार के संचालकों के साथ मिलकर झूठी खबर चलाईं और प्रदेश सरकार को अस्थिर करने का प्रयास किया। 

डीआईजी ने गठित की एसआईटी

एसओ नेहरू कॉलोनी दिलबर सिंह नेगी ने बताया कि मामला गंभीर होने के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज कर टीम गठित की गई। टीम की ओर से विवेचना के दौरान पाया गया कि उमेश शर्मा द्वारा अमृतेश चौहान, शिव प्रसाद सेमवाल और राजेश शर्मा के साथ मिलकर साजिश के तहत सरकार को अस्थिर करने, मुख्यमंत्री के विरुद्ध आम जनमानस में घृणा पैदा करने के लिए कूटरचित दस्तावेज प्रदर्शित करते हुए भ्रामक वीडियो प्रसारित किया गया।

साथ ही लगातार अपने समाचार पत्र के माध्यम से उन्होंने झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित की। जिसके बाद एक टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई और बृहस्पतिवार रात को पत्रकार राजेश शर्मा को सुमन नगर चोर खाला से गिरफ्तार किया गया। उसके बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है।

डीआईजी ने गठित की एसआईटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने इस मामले में एसआईटी गठित की है। जिसमें थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी, थानाध्यक्ष प्रेमनगर धमेंद्र रौतेला, थानाध्यक्ष वसंत विहार नत्थीलाल उनियाल, चौकी प्रभारी बाईपास आशीष रावत और कांस्टेबल दीप प्रकाश को नामित किया गया है।

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