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देहरादूनः किसी भी आपात स्थिति में मोबाइल पर आएगा मैसेज, स्मार्ट सिटी के तहत होगा ऐसा

Sun, 02 Feb 2020 08:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 02 Feb 2020 08:37 PM IST
सार

  • स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर के साथ जुड़ेगा आपदा कंट्रोल रूम 
  • जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने जिला आपदा कंट्रोल रूम का किया निरीक्षण 

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Dehradun: In any emergency message will be on public mobile
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

शहर में किसी भी आपात स्थिति या अवरोध की पूर्व सूचना क्षेत्रवासियों के मोबाइल पर ही मिल जाएगी। इससे लोगों को किसी परेशानी से निपटने में आसानी होगी। यह सब होगा जिला आपदा कंट्रोल रूम को स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल रूम से जोड़ने पर। इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने जिला आपदा कंट्रोल रूम के निरीक्षण में दिशा निर्देश जारी किए हैं। 

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जिलाधिकारी ने शनिवार को पदभार संभालने के बाद रविवार सुबह आपदा कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को इस कंट्रोल रूम को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले का कंट्रोल रूम ऐसा होना चाहिए कि आमजन और विभाग इसका पूरा लाभ उठा सकें। पूर्व सूचनाओं को न सिर्फ विभागों को बताना है बल्कि आमजन को भी इससे जोड़ना है। 
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इसके लिए उन्होंने स्मार्ट सिटी के कमांड कंट्रोल सेंटर को जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ जोड़ने को कहा। कहा कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी के तहत शहर में काम हो रहा है। यह काम आगे और भी तेजी से होगा। लिहाजा, लोगों को पता होना चाहिए कि कहां पर सड़क खुदी है और कहां पर बिजली व्यवस्था बाधित होने की संभावना है। ऐसा सिर्फ फोन से ही संभव नहीं है।
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इसके लिए जीओ सेंसिंग सिस्टम विकसित करना होगा। मसलन, यदि किसी क्षेत्र विशेष में तेज बारिश, दीवार गिरने, बिजली बाधित होने की संभावना है तो वहां निवास करने वाले और वहां से गुजरने वाले लोगों को इसकी जानकारी मैसेज से दी जा सके। निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त बीर सिंह बुदियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा रावत, स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से राम उनियाल आदि मौजूद रहे। 

नदियों किनारे लगाए जाएंगे सायरन वाले पोल 

जिलाधिकारी ने शहर क्षेत्र में बाढ़ की पूर्व सूचना के लिए भी तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने टीएचडीसी के सिस्टम को देखकर ऐसा यहां भी लगाने को प्रस्ताव मांगे हैं। इसके तहत रिस्पना, बिंदाल के किनारे ऐसे पोल लगाए जाएंगे जो बाढ़ का जलस्तर आते ही सायरन बजाने लगें। इससे लोग खुद-ब-खुद सचेत हो जाएंगे। 

गांवों में मुहैया कराए जाएं उपकरण 

जिले के दूरस्थ इलाकों चकराता, त्यूनी आदि के क्षेत्रों के गांवों को अतिरिक्त उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी जिलाधिकारी ने दिए हैं, ताकि समय आने पर ग्रामीण ही वहां पर काम कर सकें। इसके साथ ही ग्राम प्रधानों के अलावा अन्य जिम्मेदार लोगों के नंबर भी कंट्रोल रूम में रिकॉर्ड किए जाएं, ताकि अगर प्रधान का नंबर नहीं लग पा रहा तो दूसरे व्यक्ति को फोन किया जा सके। 

ग्राम प्रधान से बात कर जाना हाल 

जिलाधिकारी ने चकराता क्षेत्र के ऐठान भुनाड़ गांव के प्रधान केशर दास को भी कंट्रोल रूम से फोन किया। उन्होंने बर्फबारी में हुई दुर्घटनाओं के संबंध में जानकारी और बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। चूंकि, वहां सभी काम दुरुस्त था तो जिलाधिकारी ने संतुष्टि व्यक्त की।

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