Dehradun: संपत्ति के विवाद में बुजुर्ग पति ने की पत्नी की हत्या, सोते समय क्रिकेट बैट से किया हमला
लहूलुहान हालत में वह खुद ही पत्नी को अस्पताल ले गया। यहां से जब महिला की मौत की सूचना पुलिस को मिली तो आरोपी ने सारी घटना उगल दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
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संपत्ति विवाद में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की क्रिकेट बैट से वार कर हत्या कर दी। दोनों में अपने-अपने वारिस को संपत्ति दिलाने को लेकर अक्सर विवाद रहता था। घटना की रात में भी विवाद के चलते घर में खाना नहीं बना था। इसी बात से गुस्से में आकर व्यक्ति ने सोती हुई पत्नी के सिर पर क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ हमले कर दिए।
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इसके बाद लहूलुहान हालत में वह खुद ही पत्नी को अस्पताल ले गया। यहां से जब महिला की मौत की सूचना पुलिस को मिली तो आरोपी ने सारी घटना उगल दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय के आदेश पर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि घटना बलबीर रोड स्थित एक घर की है। यहां पर राम सिंह नाम का व्यक्ति अपनी पत्नी ऊषा और 16 साल के पोते के साथ रहता था। राम सिंह बन-टिक्की का ठेला लगाता था। ऊषा से राम सिंह ने वर्ष 2019 में शादी की थी। ऊषा का एक बेटा भी है, जिसके बारे में राम सिंह को बाद में पता चला। इसके चलते दोनों में संपत्ति बटवारे को लेकर विवाद होने लगा। अक्सर विवाद के बीच रात में खाना नहीं बनता था। गत सोमवार रात को भी जब राम सिंह घर आया तो घर में खाना नहीं बना था। ऊषा ड्राइंग रूम के बेड पर सो चुकी थी। राम सिंह ने जगाने का प्रयास किया, लेकिन ऊषा ने कोई उत्तर नहीं दिया।
राम सिंह का पोता दूसरे कमरे में सोया हुआ था। काफी देर बाद भी जब ऊषा नहीं उठी तो वह गुस्सा हो गया। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे राम सिंह ने सोती हुई ऊषा के सिर पर क्रिकेट बैट से हमला कर दिया। ऊषा के चिल्लाने की आवाज सुनकर राम सिंह का पोता भी वहां आ गया। राम सिंह ने उससे कहा कि ऊषा सीढ़ियों से गिर गई है। राम सिंह ने 108 सेवा को फोन किया और ऊषा को कोरोनेशन अस्पताल ले गया। वहां पर डॉक्टरों ने ऊषा को मृत घोषित कर दिया। ऊषा के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने इसकी सूचना डालनवाला थाने को दी तो वहां से सिपाही पहुंच गए।
सख्ती से पूछताछ के बाद उगला सारा सच
यहां ऊषा को देखकर और डॉक्टरों से बातचीत पर पुलिस को प्रथमदृष्टया ही मामले पर शक होने लगा। पुलिस ने राम सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया तो पहले वह वही रटी रटाई बात बोलने लगा कि ऊषा सीढ़ियों से गिर गई। इसके बाद पुलिस उसे उसके घर पर ले आई। यहां बेड पर खून पड़ा हुआ था। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी सच्चाई उगल दी। बताया कि ऊषा अपने बेटे को संपत्ति का हिस्सा दिलाना चाहती थी। मगर, वह नियमानुसार अपने पोते को संपत्ति देना चाहता था। बस इसी बात को लेकर अक्सर दोनों में विवाद रहता था। विवाद के चलते ही उसने सोमवार रात को यह घटना कर दी।
दोनों बेटों की हो चुकी है मौत
राम सिंह के दो बेटे थे। इन दोनों की ही लगभग सात साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वर्तमान में जिस मकान में राम सिंह रहता था, उसमें दो कमरे और एक ड्राइंग रूम है। बलबीर रोड पर इस मकान की कीमत ही लाखों रुपये में है। इसके अलावा उसका एक प्लॉट भी है।
मकान बेचकर आए पैसे भी ऊषा ने कर दिए थे खत्म
राम सिंह ने पूछताछ में बताया कि उसका एक मकान और भी था। यह उसने पिछले साल 14 लाख रुपये में बेचा था। जिस खाते में यह रुपया आया उसका एटीएम कार्ड ऊषा के पास भी था। आरोप है कि यह रुपया ऊषा ने कुछ ही दिनों में खत्म कर दिया। इसके बारे में जब राम सिंह पूछता था तो उसे तमाम तरह की बातें बताकर टाल दिया करती थी। ऊषा की उम्र करीब 53 वर्ष थी। जबकि, राम सिंह करीब 20 साल बड़ा है। इस बात को लेकर भी दोनों में अक्सर विवाद रहता था। यह बात भी राम सिंह ने पुलिस को पूछताछ में बताई है।