देहरादून: पूर्व साले की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, 11 महीने पहले गला रेतकर उतारा था मौत के घाट
- 1995 में गाजियाबाद में भी तीन लोगों की हत्या का आरोप
- तलाक के बाद पत्नी और बच्चों से मिलने को लेकर था विवाद
विस्तार
देहरादून में पूर्व साले की हत्या कर फरार हुए आरोपी को 11 महीने बाद पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का पत्नी से तलाक हो चुका था। उस पर गाजियाबाद में भी तीन लोगों की हत्या का आरोप है। जबकि, दो राज्यों में गुंडा एक्ट में पाबंद है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गौरतलब है कि पांच नवंबर 2019 को प्रेमनगर के विंग नंबर सात में एक युवक सुनील कुमार शर्मा की सरेराह गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उसके पूर्व जीजा पवन शर्मा निवासी मुकुंद नगर लिसानी गेट गाजियाबाद पर था। सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की पहचान भी हो गई थी, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला था। कई महीनों तक पुलिस ने उसकी तलाश में गाजियाबाद और अन्य शहरों में दबिश दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि पिछले दिनों पवन शर्मा के खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई करते हुए उस पर 2500 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसी बीच एसपी सिटी श्वेता चौबे के नेतृत्व में एक टीम गठित कर फिर से पवन शर्मा की तलाश शुरू हुई।
कई दिनों तक प्रेमनगर पुलिस ने गाजियाबाद में डेरा डाले रखा। इसी बीच पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने बृहस्पतिवार रात पवन को गाजियाबाद के विजयनगर से दबोच लिया। जांच में पता चला उसके खिलाफ पहले से हत्या के मुकदमे चल हैं। वह नशे का आदि है और अपने परिवार से भी इन्हीं आदतों के कारण अलग हुआ था।
पूर्व पत्नी और बच्चों से मिलने आया था पवन
पवन शर्मा का पत्नी डिंपल शर्मा से तलाक हो चुका था। डिंपल अपने भाई के साथ प्रेमनगर में रहती थी। पांच नवंबर 2019 को पवन शर्मा डिंपल और बच्चों से मिलने आया था। उसने घर का दरवाजा खुलवाना चाहा, लेकिन डिंपल ने नहीं खोला। इस पर सुनील जब उससे बाहर बात करने आया तो वह उसे गली में ले गया। गली में ही पवन ने अपने थैले से धारदार चाकू निकालकर उसका गला रेत दिया। सुनील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
1995 में की थी तीन लोगों की हत्या
पुलिस को पूछताछ में पवन ने बताया कि वह शुरू से ही गलत संगत में पड़ गया था। उसे नशे की लत भी थी। उसका आसपास में झगड़ा होने लगा। गाजियाबाद के सिहानी गेट में एक झगड़े में 1995 में उसने तीन लोगों की हत्या कर दी थी। इस मामले में वह जैसे ही जमानत पर बाहर आया तो माता पिता ने 2000 में उसकी शादी डिंपल शर्मा से कर दी। 2005 में वह गाजियाबाद का मकान बेचकर देहरादून आ गया और यहां पर गाड़ी लेकर चलाने लगा। मगर गलत आदतों के कारण यह काम भी नहीं चल पाया।
सुनील के दोस्त मनीष को मारना चाहता था पवन
पवन का तलाक 2015 में हो गया था। इसके बाद भी वह अपने पत्नी और बच्चों से मिलने आता था। लेकिन यह बात सुनील और उसके दोस्त मनीष राजपूत को पसंद नहीं थी। पवन ने पुलिस को बताया कि वह मनीष को मारना चाहता था। लेकिन, उस दिन उसे सिर्फ सुनील ही मिल सका।
पंजाब, राजस्थान, दिल्ली के बाद फिर गाजियाबाद
सुनील की हत्या करने के बाद पवन ने प्रेमनगर श्मशान के पास ही अपने कपड़े बदले और चाकू को बहते पानी में फेंक दिया था। इसके बाद वह टेंपो में बैठकर विकासनगर चला गया। वहां से पांवटा साहिब और फिर राजस्थान पहुंच गया। इसके बाद वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मंदिर के बाहर रहने लगा। वहां उसे खाने पीने की चीजें मिल जाती थीं। जब लॉकडाउन हुआ तो वह अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास रहने लगा। वह पंजाबी अच्छी बोलता है तो उसे वहां कोई दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद वह दिल्ली चला गया और नशे की लत ने फिर से उसे गाजियाबाद पहुंचा दिया।