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टी इस्टेट जाएगा देहरादून का आढ़त बाजार
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 29 Aug 2014 11:08 AM IST
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राजधानी देहरादून का आढ़त बाजार अब टी इस्टेट क्षेत्र में शिफ्ट होगा। इस संबंध में आढ़त बाजार एसोसिएशन ने हामी भर दी है।
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ट्रांसपोर्टनगर प्लान रिजेक्ट
गुरुवार को एमडीडीए उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम के साथ एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई। व्यापारियों ने ट्रांसपोर्टनगर प्लान को रिजेक्ट कर दिया। उनका कहना था कि ट्रांसपोर्टनगर में जगह कम है और भूगर्भ जलस्तर ऊंचा है। इससे अनाज में सीलन आ सकती है।
बैठक में बताया गया कि आढ़त व्यापारियों की संख्या 250 है। वहीं, ट्रांसपोर्टनगर में सिर्फ एक हेक्टेयर भूमि है। इसमें मुश्किल से 100 व्यापारियों को ही जगह मिल पाएगी। शिमला बाईपास रोड स्थित टी इस्टेट क्षेत्र में पांच हेक्टेयर भूमि है, यहां बाजार शिफ्ट किया जा सकता है।
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प्रदेश उद्योग इस मौके पर व्यापारियों ने अतिक्रमण के नाम पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को तोड़े जाने के मामले में एमडीडीए से मुआवजा मांगा। व्यापार मंडल समिति के महामंत्री विनय गोयल ने बताया कि इस संबंध में हाईकोर्ट ने भी मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
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इसके अलावा व्यापारियों ने आढ़त बाजार के रास्ते के चौड़ीकरण का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रास्ता चौड़ा करने के लिए व्यापारियों ने जगह दी थी। उसके बदले में घंटाघर पर एमडीडीए ने व्यापारियों को जगह देने का वादा किया था।
गोयल ने बताया कि कुछ व्यापारियों को जगह के नाम पर एमडीडीए ने दो फुट की पट्टी दे दी है। यह गलत है। बैठक में व्यापारी नेता राजेंद्र प्रसाद गोयल, अजय गुप्ता, शरद अग्रवाल, अजय गर्ग, संदीप गोयल आदि रहे।
अब भी हैं कई पेंच
टी इस्टेट क्षेत्र के लिए आढ़त व्यापारियों ने हामी भर दी है, लेकिन एमडीडीए को यह भूमि अधिग्रहित करनी है। इस जमीन के मालिकाना हक का दावा कई लोग कर रहे हैं। इनमें बिल्डर, नेता, माफिया समेत कई हाई प्रोफाइल लोग शामिल हैं।
कुछ भू-भाग की खरीद-फरोख्त भी होती रहती है। प्राधिकरण यह भूमि कब तक अधिग्रहित कर पाएगा इसकी भी समय सीमा तय नहीं है।
यह भी तय नहीं है कि एमडीडीए आढ़त व्यापारियों को दुकानें बना कर देगा या सिर्फ जमीन ही दी जाएगी। इस संबंध में प्राधिकरण और व्यापारियों के बीच कोई फैसला नहीं हो पाया है।
15 साल से लटका है मामला
आढ़त बाजार शिफ्ट करने का मामला 15 सालों से चल रहा है। नौ साल पहले निरंजनपुर के बगल की जमीन के लिए व्यापारियों ने हामी भरी थी। उस वक्त मौजूदा कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल मंडी समिति के अध्यक्ष थे। लेकिन बाद में यह जमीन सब्जी विक्रेताओं को दे दी गई।
शिफ्टंग को लेकर आढ़त व्यापारियों में कोई मतभेद नहीं है। देखना यह है कि योजना को अमली जामा पहनाने में एमडीडीए क्या कर पाता है और कब तक कर पाता है।
- विनय गोयल, महामंत्री प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल
अभी व्यापारियों ने शिफ्टंग के लिए हामी भरी है। अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, उपाध्यक्ष एमडीडीए