उत्तराखंड: जान पर खेलकर जान बचाने वाले इन दो जांबाजों को रक्षा पदक की सिफारिश
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प्रदेश सरकार ने जान पर खेलकर जान बचाने वाले पुलिस विभाग के एक सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल (चालक) को रक्षा पदक देने की सिफारिश की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गए दोनों जांबाजों को एक ही घटना में अदम्य साहस दिखाने के लिए चयनित किया गया है। उनके अलावा जान हथेली पर रखकर एक परिवार की जिंदगी बचाने वाले एक अन्य फायरमैन के नाम का प्रस्ताव भी मंत्रालय को भेजने की तैयारी है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जिन दो जांबाजों के नाम केंद्र को भेजे हैं, उनमें पुलिस विभाग के सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार थपलियाल और पुलिस कांस्टेबल ममलेश सिंह शामिल हैं। विभाग ने फायरमैन दीपक बिष्ट के नाम का भी प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा है। आधिकारिक सूत्रों की मानें तो उच्च स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद दीपक बिष्ट का नाम भी केंद्र सरकार को जीवन रक्षा पदक के लिए भेज दिया जाएगा।
..और विशालकाय चट्टान बोनट पर आ गिरी
सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार थपलियाल और पुलिस कांस्टेबल ममलेश सिंह के अदम्य साहस की कहानी भूस्खलन की घटना से जुड़ी है। 16 जुलाई 2018 को भारी बारिश के बीच बड़कोट राष्ट्रीय राजमार्ग डाबरकोट के पास पुलिस का एक वाहन भूस्खलन की चपेट में आ गया। इस वाहन में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और बड़कोट के थानाध्यक्ष विनोद प्रसाद थपलियाल सवार थे। वाहन पर चट्टान गिरने से पुलिस अधीक्षक घायल हो गए थे। थानाध्यक्ष व कांस्टेबल ममलेश जो वाहन चला रहे थे, ने घायल होने के बावजूद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को बाहर निकाला और जान हथेली पर रखते हुए भूस्खलन क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल आए।
दीपक ने बचाई एक परिवार की जान
रक्षा पदक के लिए फायरमैन दीपक बिष्ट के नाम की सिफारिश शासन को भेजी गई है। दीपक ने नगर पंचायत कपकोट में एक परिवार की जिंदगी बचाई थी। ये घटना तीन जून 2018 की है। लक्ष्मण सिंह कपकोटी के घर में रखे रसोई गैस सिलिंडर से गैस लीक हो गई। उस वक्त उनके पुत्र डुंगर सिंह कपकोटी, पुष्पा मेहरा व मनोहर मेहरा घर पर थे। दीपक ने जान की परवाह न करते हुए सभी परिजनों को सकुशल बाहर निकाला।
गणतंत्र दिवस पर दिया जाता है पुरस्कार
ये पुरस्कार गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदान किया जाता है। केंद्र सरकार सभी प्रदेश सरकारों से ऐसे लोगों के नाम मांगती है, जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दूसरों के जीवन की रक्षा की। इस पुरस्कार के लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, बीडीओ, तहसीलदार या पटवारी के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग को भेजे जा सकते हैं। शासन स्तर पर इन प्रस्तावों की समीक्षा करने के उपरांत सर्वश्रेष्ठ नाम केंद्र को भेजे जाते हैं।