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यहां वर्दी पर मंडरा रहा दहशत का साया
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 15 Apr 2014 10:50 AM IST
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देहरादून की डालनवाला कोतवाली में संतरी ड्यूटी पर मुस्तैद था, हवालात खुली थी और हर कक्ष खाली था।
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थाना ऑफिस में एक महिला कांस्टेबिल के साथ मौजूद चार पुलिसकर्मी दबी जुबान में रजनीश की मौत पर बातें कर रहे थे। अचानक अंधविश्वास भरी बातों ने माहौल को और दहशत भरा बना दिया।
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कस्टडी में रजनीश उर्फ लाला की मौत के बाद डालनवाला कोतवाली का नजारा सोमवार को कुछ ऐसा ही था। इस कोतवाली की अंधविश्वास की कहानी बरसों पुरानी है।
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एक पीपल का पेड़ कटने के बाद ही यहां होने वाली हर अनहोनी को उससे जोड़कर देखा जाता था। रणबीर एनकाउंटर का खेल भी डालनवाला से जुड़ा रहा। एक प्रेमी द्वारा कोतवाली में पिटाई के बाद मौत को गले लगाने को लेकर काफी बवाल मचा था।
अब रजनीश की हवालात में मौत ने अंधविश्वास में इजाफा ही किया है। इस संवाददाता ने सोमवार को दोपहर बारह बजे के करीब कोतवाली का हाल जाना। ऑफिस के गेट पर संतरी अपनी ड्यूटी में मशगूल था।
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निरीक्षक, महिला कक्ष, उप निरीक्षक और जन सुविधा केन्द्र पूरी तरह खाली था। थाना ऑफिस में एक महिला कांस्टेबिल समेत चार लोग अपनी कुर्सी पर थे। बिना परिचय दिए ऑफिस के अंदर प्रवेश किया तो हर किसी ने चुप्पी साध ली।
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किसी ने नहीं पूछा तो संवाददाता हवालात की तरफ बढ़ गया। इसी बीच एक आवाज आई कि बंदे का भूत तो नहीं आएगा। उधर से एक कांस्टेबिल ने तपाक से मसूरी कोतवाली के भूत का उदाहरण दाग दिया।
थाने में सुसाइड किए जाने के कारण काफी समय सिपाही का भूत दहशत का पर्याय रहा। वापस आकर भूत का सवाल किया तो फिर से चुप्पी साध ली गई।
रजनीश की मौत पर मुकदमा दर्ज होने का सवाल किया तो पुलिसकर्मी समझ गए कि सवालकर्ता मीडिया से जुड़ा है।
हां-ना करने के बजाए एक सिपाही फोन पर बात करने के बहाने बाहर निकल गया, जबकि दूसरे कर्मचारी अपने काम में मशगूल हो गए।