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'मौत की दवा' बनाने वाली कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sat, 29 Nov 2014 10:56 PM IST
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छत्तीसगढ़ में नसबंदी कैंप में दवा सप्लाई करने वाली टेक्निका लैब एंड फार्मा का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई हरिद्वार ड्रग इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से हुई है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं की मौत हो गई थी। मामले में राज्य सरकार ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया था।
चूहे मारने की दवा मिली
जांच में यह बात सामने आई कि महिलाओं को दी गई दवा में जिंक फास्फेट यानि चूहे मार दवाई का मिश्रण है और यह दवा हरिद्वार की टेक्निका लैब एंड फार्मा कंपनी से आपूर्ति की गई थी। इसके बाद 26 नवंबर को दिल्ली की केंद्रीय टीम जांच के लिए हरिद्वार पहुंची थी।
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टीम के साथ हरिद्वार ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान फार्मा कंपनी से 10 सैंपल लिए गए, जो कि दिल्ली की सेंट्रल लैब एवं रुद्रपुर लैब में भेजे गए हैं।
सप्लाई पर पहले ही लगी थी रोक
हालांकि जांच में वह दवाई फार्मा में नहीं मिली जो छत्तीसगढ़ में सप्लाई हुई थी। इसके बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी के उत्पादन एवं सप्लाई पर रोक लगा दी थी।
साथ ही इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन ने फार्मा कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर में नसबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं की मौत हो गई थी। मामले में राज्य सरकार ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया था।
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चूहे मारने की दवा मिली
जांच में यह बात सामने आई कि महिलाओं को दी गई दवा में जिंक फास्फेट यानि चूहे मार दवाई का मिश्रण है और यह दवा हरिद्वार की टेक्निका लैब एंड फार्मा कंपनी से आपूर्ति की गई थी। इसके बाद 26 नवंबर को दिल्ली की केंद्रीय टीम जांच के लिए हरिद्वार पहुंची थी।
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टीम के साथ हरिद्वार ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान फार्मा कंपनी से 10 सैंपल लिए गए, जो कि दिल्ली की सेंट्रल लैब एवं रुद्रपुर लैब में भेजे गए हैं।
सप्लाई पर पहले ही लगी थी रोक
हालांकि जांच में वह दवाई फार्मा में नहीं मिली जो छत्तीसगढ़ में सप्लाई हुई थी। इसके बावजूद मामले की गंभीरता को देखते हुए हरिद्वार ड्रग इंस्पेक्टर ने कंपनी के उत्पादन एवं सप्लाई पर रोक लगा दी थी।
साथ ही इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। ड्रग इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि शासन ने फार्मा कंपनी का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है।