{"_id":"d224271a895bb28e06b96409d00f20e4","slug":"deadbody-found-in-front-of-patwari-chauki-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटवारी चौकी के बाहर मिला कानूनगो का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटवारी चौकी के बाहर मिला कानूनगो का शव
ब्यूरो / अमर उजाला, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)
Updated Mon, 13 Jul 2015 03:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
द्वाराहाट मेंजालली कस्बे के कानूनगो पूरन बिष्ट का शव दौला स्थित पटवारी चौकी में संदिग्ध हालत में बरामद हुआ।
विज्ञापन
रविवार की सुबह ग्रामीणों ने पटवारी चौकी के बाहर शव देखा तो खलबली मच गई। सूचना पर पहुंचे राजस्व कर्मियों ने जांच की तो उनके मुंह से भारी मात्रा में खून निकल रहा था। बताया गया है कि वह एक माह से छुट्टी पर थे। 10 जुलाई को वह हल्द्वानी से पांव का इलाज कराकर लौटे थे। देर शाम परिजनों के पहुंचने के बाद पंचनामा भरा गया। फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। राजस्व पुलिस संदिग्ध मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक चौड़ा गांव निवासी पूरन सिंह बिष्ट (59) जालली के राजस्व निरीक्षक थे। उनके पास चौड़ा और जैंतोली क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी था। कुछ माह पूर्व उनके पांव में चोट आ गई थी, वह पिछले एक माह से छुट्टी पर थे और हल्द्वानी में पांव का इलाज करा रहे थे।
विज्ञापन
बताया गया है कि 10 जुलाई को वह हल्द्वानी से यहां लौटे थे। रविवार सुबह चौकी के बाहर ग्रामीणों ने शव देखा तो उन्होंने सूचना जालली के राजस्व कर्मियों को दी। राजस्व कर्मियों ने पहचान कानूनगो के रूप में की। कानूनगो के मुंह से काफी मात्रा में खून निकल रहा था। पटवारी चौकी का दरवाजा खुला था और उनका बैग भी अंदर ही रखा हुआ था।
विज्ञापन
द्वाराहाट के नायब तहसीलदार रामकृष्ण लाल ने बताया कि दिन भर चौकी में उनके बैग सहित तमाम सामग्रियों की तलाशी ली गई। चौड़ा गांव से उनके परिजन देर शाम को पहुंचे तो इसके बाद पंचनामे की कार्रवाई की गई।
मौत के कारणों को लेकर तमाम चर्चाएं
कानूनगो काफी सरल स्वाभाव और मृदुभाषी थे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि कानूनगो की हत्या की गई है। नायब तहसीलदार रामकृष्ण लाल ने बताया कि तमाम पहलुओं पर जांच की जा रही है।
इसके बाद ही पता चल सकेगा। उन्होंने बताया कि इस मामले में अभी मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया है। स्व. बिष्ट अपने पीछे पांच पुत्रियां और तीन पुत्र सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
मुट्ठी में दबी थी घास, मौत या हत्या?
जालली के कानूनगो की मौत का मामला रहस्य बना हुआ है। कानूनगो रामकुष्ण लाल ने बताया कि चौकी के बाहर शव दीवार के सहारे टिका था, हाथ में घास की मुट्ठी बंधी हुई थी। जबकि चौकी के अंदर ताला-चाबी टेबल पर रखी हुई थी। हत्या या अन्य कारणों का खुलासा जांच के बाद ही चल सकेगा।