OMG: बाढ़ कंट्रोल के लिए मृत कर्मी को कर दिया तैनात
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उत्तराखंड के सितारगंज की हर तहसील में बाढ़ कंट्रोल रूम तो खोल दिए गए हैं, लेकिन इनमें कर्मचारियों की तैनाती में लापरवाही भी कम नहीं बरती गई है।
हल्द्वानी में जहां मंगलवार को एसडीएम के छापे में बाढ़ कंट्रोल रूम से कर्मचारी गायब मिले, वहीं सितारगंज में बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम में कर्मचारियों की तैनाती में शिक्षा विभाग ने लापरवाही की हद पार कर दी है।
यहां विभाग ने एक मृत कर्मचारी और दो रिटायर कर्मचारियों की तैनाती कर दी। मामले का खुलासा कर्मचारियों की ड्यूटी का रोस्टर बांटने पर स्कूल प्रबंधन के पत्र में सामने आया। तहसीलदार ने बीईओ को तत्काल संशोधित सूची भेजने और पुरानी सूची तहसील को भेजने वाले कर्मचारी से जवाब मांगने को कहा है।
24 मई को तहसील प्रशासन ने शिक्षा विभाग, सहकारी गन्ना विकास समिति, मंडी समिति, पशु चिकित्सालय, लोक निर्माण विभाग समेत तमाम विभागों से तहसील में स्थापित बाढ़ कंट्रोल रूम में तैनाती के लिए कर्मचारियों के नामों की सूची मांगी।
एक जनवरी 2012 को हो चुकी है कृष्ण वर्मा की मौत
शिक्षा विभाग द्वारा सूची न भेजने पर 8 जून को तहसीलदार आरसी गौतम ने बीईओ से सूची तलब की। इस पर शिक्षा विभाग ने 91 कर्मचारियों की सूची भेजी।
तहसीलदार ने इन कर्मचारियों की तैनाती के लिए स्कूलों को रोस्टर बांटा तो जवाब में राजकीय आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय विडौरा के प्रबंधन ने बताया कि बाढ़ कंट्रोल रूम में ड्यूटी में लगाए गए स्कूल के कर्मचारी कृष्ण वर्मा की एक जनवरी 2012 को मृत्यु हो चुकी है।
वहीं, राजकीय आश्रम पद्धति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विडौरा मझोला के प्रधानाचार्य ने पत्र में बताया कि बाढ़ कंट्रोल ड्यूटी में लगाए गए स्कूल के कर्मचारी रघुनाथ सिंह 31 जनवरी 2013 और मोहन लाल 30 नवंबर 2014 को रिटायर्ड हो चुके हैं।
तहसीलदार गौतम ने बताया कि पुरानी सूची को बीईओ द्वारा प्रमाणित कर भेजा गया था। बीईओ से अब संशोधित सूची मांगी गई है और सूची भेजने वाले कर्मचारी से जवाब मांगने को कहा गया है।
मेरी गैरहाजिरी में कर्मचारियों की सूची भेजी गई थी जो बहुत बड़ी गलती है। तहसील से इसकी जानकारी होने पर विभागीय बाबू से स्पष्टीकरण मांगा है। आश्रम पद्धति के स्कूल समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किए जाते हैं। इस कारण इन स्कूलों के कर्मचारियों का पता नहीं लग पाता है। सूची में संशोधन कर पुन: रिपोर्ट तहसील को भेजी जा रही है।
- गोपाल राम आर्य, बीईओ सितारगंज