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टीका ही बचाएगा अभियान : टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में जुटी बेटियां
Fri, 25 Jun 2021 11:43 AM IST
देहरादून ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jun 2021 11:43 AM IST
सार
प्रेमनगर निवासी जूही पांडे अपने साथियों की मदद से बस्ती की बुजुर्गों को टीकाकरण केंद्र तक लाने के साथ ऑनलाइन स्लॉट बुक करने में भी मदद कर रही हैं।
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रुचिका शर्मा---संवाद फोटो
- फोटो : DEHRADUN
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विस्तार
शहर क्षेत्र में ही नहीं बल्कि बस्तियों में भी कोई टीकाकरण से न छूटे। इस संकल्प को पूरा करने के लिए दून की बेटियां हर तबके के पास पहुंच रही हैं। सुबह नौ बजे तक अधिकतर लोगों के दिहाड़ी मजदूरी पर चले जाने के कारण दून की जूही अपने साथियों के साथ बस्ती में सुबह 6 बजे ही पहुंच जाती हैं और लोगों को टीकाकरण की प्रति जागरूक कर रही हैं।
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प्रेमनगर निवासी जूही पांडे अपने साथियों की मदद से बस्ती की बुजुर्गों को टीकाकरण केंद्र तक लाने के साथ ऑनलाइन स्लॉट बुक करने में भी मदद कर रही हैं। वहीं करनपुर निवासी रुचिका शर्मा ने अपने क्षेत्र में हर व्यक्ति को टीकाकारण के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी उठाई है।
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जूही प्रेमनगर, ठाकुरपुर और मिट्ठीबेहड़ी के आसपास व बस्तियों में जाकर लोगों को टीका लगाने के लिए प्रेरित करती हैं। वह अपने साथियों की मदद से बुजुर्गों को टीकाकरण केंद्रों तक पहुंचाती हैं। इसके बाद उन्हें घर तक भी छोड़ रही हैं। रुचिका शर्मा ने बताया कि घर-घर जाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति टीकाकरण से न छूटे।
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शहर की बस्तियों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। यहां के लोगों को ऑनलाइन स्लॉट बुक करने में बहुत ज्यादा दिक्क़त होती है। बस्ती में काफी लोग कम पढ़े-लिखे होते हैं। इसलिए हम सब स्लॉट बुक करने में सहयोग कर रहे हैं। सुबह नौ बजे के बाद बस्ती में जाकर सभी शाम तक ही लौटते हैं। इसलिए सुबह ही उनसे मिलना होता है।
-जूही पांडे, प्रेमनगर
हमारी टीम पूरे क्षेत्र में घर-घर जाकर टीके के लिए लोगों को प्रेरित करती है। टीकाकरण शिविर ज्यादा से ज्यादा से लगे इसका भी प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा टीकाकरण केंद्रों बुजुर्गों को लाने से लेकर और घर छोड़ने तक की पूरी जिम्मेदारी उठाई गई है।
- रुचिका शर्मा, करनपुर