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खानदान में पहली अफसर बनी बिटिया
आलोक पंवार/अमर उजाला, ऋषिकेश
Updated Fri, 24 Jan 2014 06:01 PM IST
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पारिवारिक पृष्ठभूमि काश्तकार और पिता टेलर मास्टर। ऐसे ही साधारण परिवार की बिटिया ने मेहनत और लगन के बूते जो मुकाम हासिल किया, उस पर पूरे परिवार को गर्व है। शाह परिवार की बेटी पहली अफसर बनी है।
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बेटी बेटे से कम नहीं होती, यह साबित कर दिखाया है त्रिवेणीघाट रोड पर टेलरिंग की दुकान चलाने वाले सोबत सिंह शाह और गृहणी मां बीना देवी की बेटी मनीषा ने।
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लोअर पीसीएस में चयन
दो बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी मनीषा शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रही। उसका सपना अफसर बनने का था। वर्ष 2013 में लोअर पीसीएस की परीक्षा क्वालीफाई करने पर उसका चयन राज्य परिवहन विभाग में ट्रांसपोर्ट टैक्स आफिसर के पद पर हुआ और उसका सपना साकार हो गया।
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खास बात यह कि उसे 24 दिसंबर को ही पहली ज्वाइनिंग गृह क्षेत्र में मिली है। होनहार मनीषा एचएनबी यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर रही हैं। वह पीसीएस मैंस की परीक्षा दे चुकी हैं, जिसका परिणाम आना अभी बाकी है।
बेटी को ही अहमियत दी
पिता सोबत सिंह बताते हैं कि भले ही उनका एक बेटा है, लेकिन उन्होंने बेटियों को हमेशा ज्यादा अहमियत दी। कई बार आर्थिक परेशानी भी सामने आई, लेकिन बेटियों की शिक्षा और लालन पालन में किसी तरह की कमी नहीं आने दी। बेटी परिवार में पहली अफसर बनी है, इससे बड़ी खुशी और क्या हो सकती है।
कुछ भी असंभव नहीं
ट्रांसपोर्ट टैक्स आफिसर बनी मनीषा का कहना है कुछ भी असंभव नहीं है। जीवन में लक्ष्य जरूर निर्धारित होना चाहिए कि हमें क्या बनना है। उसी के मुताबिक उतना पढ़ो, जितना समझ में आए। जीवन में उतार चढ़ाव भी आते हैं। बिना घबराए डटकर मुकाबला करने से सफलता जरूर मिलती है।