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उत्तराखंडः पानी घटा, अब बीमारियों का खतरा

Mon, 18 Aug 2014 01:28 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 18 Aug 2014 01:28 AM IST
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danger of disease after flood and landslide

ऋषिकेश। आपदा प्रभावित पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड में मुख्य यातायात मार्गों के साथ ही बीते तीन दिनों से गांवों को एक-दूसरे से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं। गांवों में बिजली गुल है।

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आपदा प्रभावित घुप अंधेरे में रात बिताने को मजबूर हैं। गांवों में कहीं लोग रसद के लिए तरस रहे हैं, तो कहीं केरोसिन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए।

यहां तक न सर्वे टीम पहुंची और न कोई सुनने वाला है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भारी बारिश और बादल फटने से यहां भारी तबाही मची है।

बीमारियां फैलने का बढ़ा खतरा

danger of disease after flood and landslide

हरिद्वार/देहरादून। दो दिन की तबाही के बाद शनिवार और रविवार को मौसम खुला रहा। गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही अन्य नदी-नालों में भी उफान थमा लेकिन मुश्किलें बरकरार हैं।

हरिद्वार जिले में लक्सर और खानपुर के कई गांवों में रास्तों पर भरा बाढ़ का पानी भी उतर गया, लेकिन संपर्क मार्ग बहने, कई मार्गों पर जलभराव होने और घरों में घुसा पानी कम नहीं होने से लोगों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं।

जलजनित बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।

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रास्ते बंद, मीलों चल रहे पैदल

danger of disease after flood and landslide

दुगड्डा (कोटद्वार)। बादल फटने और अतिवृष्टि से दुगड्डा और यमकेश्वर विकासखंड की लाइफ लाइन दुगड्डा-कांडी-लक्ष्मणझूला स्टेट हाईवे कई जगह बंद है। तीन दिन बाद भी सरकारी मशीनरी मार्ग नहीं खोल पाई है।

रविवार को पीडब्लूडी तीन जेसीबी लगाकर केवल आठ किमी मार्ग खोल सका है। ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग ध्वस्त होने के कारण लोगों को रोजमर्रा जरूरत के सामानों के लिए मीलों पैदल चलना पड़ रहा है।

दुगड्डा और यमकेश्वर विकासखंडों में तीन दर्जन से अधिक मोटर मार्ग बंद पडे़ हैं, जिससे जनजीवन पटरी से उतर गया है।

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प्रभावितों का चेक लेने से इनकार

danger of disease after flood and landslide

चंबा (टिहरी)। कुदरती कहर में अपना सबकुछ गंवा देने वालों को राहत के नाम पर मिले एक लाख के चेक जख्मों पर महरम लगाने को नाकाफी हैं।

बागी के ग्वाडम् तोक के ग्रामीणों का आरोप है कि राहत के नाम पर एक-एक कंबल देकर उनका मजाक उड़ाया जा रहा है। प्रशासन से नाराज प्रभावितों ने राहत राशि के चेक लेने ने इनकार कर दिया।

प्रभावितों का कहना है कि आपदा में उनका मकान सहित सब कुछ तबाह हो गया। चेक लेकर गांव पहुंची नायाब तहसीलदार रेखा को ग्रामीणों ने बैरंग लौटा दिया।

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