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Dehradun News: साइबर ठगों ने घर से काम करने का झांसा देकर कर्मचारी से 11.84 लाख रुपये ठगे
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सेलाकुई थाना क्षेत्र की एक फार्मा कंपनी के कर्मचारी से साइबर ठगों ने घर से काम करने का झांसा देकर 11.84 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि थीटा फार्मास्यूटिकल कंपनी में कार्यरत विजय लाजरस कुछ दिनों से ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहे थे। एक दिन उनके फोन पर एक व्यक्ति का कॉल आया। उसने अपना नाम भुवना बताया। उसने कहा कि उसे हाल्जबर्ग डायमंड्स कंपनी के लिए घर से काम करने की छूट चल रही है। मैसेज के माध्यम से उन्हें काम करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि विजय को व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला। सानुषा नाम की कर्मचारी ने उन्हें घर से काम करने की योजना बताई। उसने बताया कि उन्हें कंपनी के उत्पाद का प्रचार करना है, जिसके लिए कमीशन दिया जाएगा। उत्पादन का प्रचार करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया। उसके बाद कंपनी में उनका पंजीकरण करवाया गया। काम शुरू करने के बाद उन्हें 966 रुपये का लाभ दिया। इसके बाद उन्हें 10500 रुपये का इंतजाम करने को कहा गया। उन्हें झांसा दिया कि सात दिन तक लगातार काम करने पर कंपनी उन्हें वेतन भी देगी। वह झांसे में आ गए और ऑनलाइन रुपये दे दिए। उसके बाद काम करते समय एक कमी आ गई। जब उन्होंने सानुषा को बताया तो उसने कहा कि उसका टेंडर निकला है, जिसमें तीन गुना लाभ होगा। इसके एवज में उन्हें अपना काम पूरा करने के लिए 22,283 रुपये और जमा करने होंगे। इसके बाद पीड़ित से अलग-अलग कार्यों के लिए कुल 11.84 लाख रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए। थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि थीटा फार्मास्यूटिकल कंपनी में कार्यरत विजय लाजरस कुछ दिनों से ऑनलाइन नौकरी की तलाश कर रहे थे। एक दिन उनके फोन पर एक व्यक्ति का कॉल आया। उसने अपना नाम भुवना बताया। उसने कहा कि उसे हाल्जबर्ग डायमंड्स कंपनी के लिए घर से काम करने की छूट चल रही है। मैसेज के माध्यम से उन्हें काम करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि विजय को व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला। सानुषा नाम की कर्मचारी ने उन्हें घर से काम करने की योजना बताई। उसने बताया कि उन्हें कंपनी के उत्पाद का प्रचार करना है, जिसके लिए कमीशन दिया जाएगा। उत्पादन का प्रचार करने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया। उसके बाद कंपनी में उनका पंजीकरण करवाया गया। काम शुरू करने के बाद उन्हें 966 रुपये का लाभ दिया। इसके बाद उन्हें 10500 रुपये का इंतजाम करने को कहा गया। उन्हें झांसा दिया कि सात दिन तक लगातार काम करने पर कंपनी उन्हें वेतन भी देगी। वह झांसे में आ गए और ऑनलाइन रुपये दे दिए। उसके बाद काम करते समय एक कमी आ गई। जब उन्होंने सानुषा को बताया तो उसने कहा कि उसका टेंडर निकला है, जिसमें तीन गुना लाभ होगा। इसके एवज में उन्हें अपना काम पूरा करने के लिए 22,283 रुपये और जमा करने होंगे। इसके बाद पीड़ित से अलग-अलग कार्यों के लिए कुल 11.84 लाख रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए। थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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