भाजपा की सबसे बड़ी चिंता, PM मोदी के सामने कैसे जुटेगी भीड़?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली के ठीक अगले दिन यानी 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम में होंगे।
तमाम अन्य कार्यक्रमों के अलावा यहां पर उन्हें एक जनसभा को भी संबोधित करना है। दीपावली के ठीक अगले दिन इस जनसभा में वहां भीड़ कैसे जुटेगी, भाजपा की सबसे बड़ी चिंता ये ही है। मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों में भी दीपावली के कारण दिक्कत पेश आने की आशंका से भाजपा परेशान है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट तो तैयारियों में डटे है हीं, सरकार की ओर से उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत को मोर्चे पर लगा दिया गया है।
मोदी ने केदारनाथ के कार्यक्रम के लिए जो तारीख तय की है, उसने भाजपा नेताओं के माथे पर चिंता की लकीर पैदा कर दी है। केदारनाथ में यात्रा सीजन ढलान पर है। त्यौहार की वजह से वहां से ज्यादातर लोग अन्य स्थानों पर जा चुके हैं। इन स्थितियों के बीच, दीपावली के अगले दिन एक साथ वहां पर लोगों को जुटाना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है।
हालांकि पार्टी ने जो रणनीति बनाई है, उसके मुताबिक, रुदप्रयाग और चमोली जिले के आस-पास के लोगों को ही केदारनाथ पहुंचाने पर जोर रहेगा। जानकारी के मुताबिक, 20 अक्तूबर को सुबह दस बजे मोदी केदारनाथ में होंगे।
ऐसे में उसी दिन सुबह से केदारनाथ लोगों को पहुंचाने का कठिन टास्क भाजपा नेताओं के सामने होगा, क्योंकि एक दिन पहले दीपावली की वजह से ज्यादातर लोग अपने घरों में रहना पसंद करेंगे। दबी जुबान से भाजपा के नेता भी इस कार्यक्रम से जुड़ी अव्यवहारिकता को स्वीकार कर रहे हैं, हालांकि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि बड़ी बात ये है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद केदारपुरी की कायाकल्प की शुरूआत होने जा रही है।
बाबा केदारनाथ से माफी मांगे हरीश रावत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्रा पर पूर्व सीएम हरीश रावत की बयानबाजी पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने उनकी आलोचना की है। भट्ट ने कहा है कि रावत का बयान उनकी कुंठा का प्रतीक है। हताश हताश कांग्रेस नेता खोई हुई जमीन तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। उचित होगा कि पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता बाबा केदारनाथ से माफी मांगे।
एक बयान में भट्ट ने कहा है कि केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण में जिस प्रकार का पूर्व में भ्रष्टाचार किया गया, उसका सबक जनता कांग्रेस को दे चुकी है। इन मामलों की एसआईटी जांच की जा रही है, जिससे सब खुलासा हो जाएगा। यदि कांग्रेस के समय में केदारनाथ में कार्य हुए होते तो फिर नए सिरे से काम करने की आवश्यकता नहीं थी। ऐसे में जब प्रधानमंत्री केदारपुरी के शिलान्यास के लिए आ रहे हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए था।