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युद्घवीर हत्याकांडः डर के आगे हारे आरोपी

Wed, 21 Aug 2013 04:46 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Wed, 21 Aug 2013 04:46 PM IST
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yudhveer murder case

युद्घवीर हत्याकांड के आरोपी सुधा पटवाल व उसके साथियों ने युद्घवीर को मारने के लिए कुछ ओर ही प्लानिंग की थी, लेकिन एन मौके पर इन्हें प्लानिंग बदल डाली। जिससे कारण सुधा और उसके साथी पुलिस की पकड़ में आ गए।

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चारों ने युद्धवीर को मारने के बाद उसके शव को उफनाती सहस्त्रधारा नदी में ठिकाने लगाने की योजना बनाई थी। लेकिन रास्ते में पुलिस चेकिंग देखकर हरिओम डर गया और यही डर उसकी और सुधा की गिरफ्तारी की वजह बन गया।
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पूछताछ में हरिओम ने पुलिस को बताया कि डीआईटी इंस्टीट्यूट के पास हत्या के बाद युद्धवीर की लाश को उन्होंने कार की पिछली सीट पर बाएं दरवाजे की तरफ बैठा दिया था। उसे ऐसा बैठाया गया था कि देखने वाले को लगे कि वह जिंदा है। उसके बगल में सुधा और संजीव बैठे थे।
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पढ़े, युद्घवीर मर्डर मिस्ट्रीः सुधा और हरिओम का होगा फैसला

चारों ने उसकी लाश को सहस्त्रधारा नदी में फेंकने की योजना बनाई थी। सुधा ने बताया था कि सहस्त्रधारा नदी में बहुत पानी है और शव को नदी में फेंकने के बाद वह पकड़ में नहीं आ सकेंगे। चोरों शव लेकर सहस्त्रधारा की ओर से चल पड़े, लेकिन डायवर्जन पर पुलिस पिकेट पर चेकिंग अभियान देखकर हरिओम डर गया।

हालांकि, चेकिंग अभियान डायवर्जन से नीचे जाखन की तरफ चल रहा था और उन्हें ऊपर राजपुर रोड साईं मंदिर से रिंग रोड होते हुए जाना था। लेकिन, पुलिस को देखकर हरिओम घबरा गया और उसने आगे जाने से मना कर दिया। तीनों ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं माना। इसलिए युद्धवीर के शव को आनंदमयी आश्रम के निकट फेंका गया।

मुखबिरों पर निर्भर
फरार चल रहे उमेश और संजीव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस पूरी तरह मुखबिरों पर निर्भर है। पुलिस जांच में सामने आया है कि उमेश पूर्व में मोबाइल कंपनी में काम करता था। इसलिए उसे मोबाइल सर्विलांस की अच्छी जानकारी है।

वह अपना मोबाइल ऑन ही नहीं कर रहा, जिससे पुलिस को उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने अब उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरों में मुखबिरों को सतर्क कर दिया है।


रिमांड से फायदा नहीं

पुलिस ने सुधा को रिमांड पर लेने के लिए आवेदन तो कोर्ट में कर दिया है, लेकिन खुद पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे ज्यादा फायदा होने वाला नहीं है। पहले हुई पूछताछ में सुधा ने जो बयान दिए, वह हरिओम की गिरफ्तारी के बाद उलटे साबित हुए।

सुधा की रिमांड पर कोर्ट को फैसला 21 अगस्त को आना है। लेकिन पुलिस उससे पूछताछ को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है। वहीं, हरिओम के बयान के बाद अब पुलिस के लिए संजीव व उमेश की गिरफ्तारी जरूरी हो गई है।

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