बिजनेस में घाटा तो जीना लगा बेकार, लगाई फांसी
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ऋषिकेश के रानीपोखरी थाना क्षेत्र में रहस्यमय परिस्थितियों में एक युवक ने फांसी के फंदे पर झूलकर मौत को गले लगा लिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। युवक तीन भाई बहनों में सबसे बड़ा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बताया जा रहा है कि व्यापार में घाटे के चलते युवक कुछ दिनों से तनाव में था, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया।
मोबाइल रिचार्ज की दुकान
बड़कोट ग्रामसभा के अंतर्गत डांडी में साईं मंदिर जाने वाले मार्ग पर केवल सिंह पुंडीर का आवास है। उनके बड़े बेटे सुनील पुंडीर (37) की मोबाइल रिचार्ज की दुकान डांडी चौक पर है। बताया जा रहा है कि बीते सोमवार देर रात सुनील ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली।
कमरे में पंखे के सहारे रस्सी से झूलता देख परिजनों के होश फाख्ता हो गए। आनन फानन में उसे नीचे उतारकर हिमालय अस्पताल, जौलीग्रांट ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन की सूचना पर जौलीग्रांट पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दून भेज दिया। चौकी इंचार्ज रामनरेश शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। शाम को मुनिकीरेती पूर्णानंद घाट पर शव का अंतिम संस्कार किया गया। लोगों ने नम आंखों से दिवंगत को अश्रुपूर्ण विदाई दी।
आत्मघाती कदम से सभी स्तब्ध
मंगलवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही लोगों का पुंडीर के घर पर तांता लग गया। बड़कोट उप प्रधान पूजा थापा ने बताया कि सुनील शादीशुदा था। आठ साल का एक बेटा है। भरापूरा परिवार है। पत्नी, माता पिता और छोटा भाई है। छोटी बहन की शादी हो चुकी है। सुनील सरल स्वभाव का हंसमुख लड़का था। उसके आत्मघाती कदम से सभी सकते में है।
व्यापार में घाटे से तनाव में था!
बताया जा रहा है कि सुनील ने एक निजी दूर संचार कंपनी की फ्रेंचाइजी ले रखी थी, उसमें घाटे के चलते पिछले दो तीन महीने से तनाव में था।