उत्तराखंड के इस शहर की महिलाएं घर से न निकलें बाहर!
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उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में आबादी के लिहाज से सबसे बड़े जिले ऊधमसिंह नगर में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों का ग्राफ लगातार चढ़ रहा है। आलम यह है कि जिले में विगत दस महीनों के भीतर हत्या, रेप और छेड़खानी के 118 मामले दर्ज हो चुके हैं।
अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी बेहद सीमित है। इतना ही नहीं महिला अपराधों की तादाद लगातार बढ़ने के बावजूद अभी तक जिले में एक भी महिला थाना नहीं खोला जा सका है।
दरअसल अपराधों के लिहाज से यूएस नगर जिला पहले से ही बेहद संवेदनशील रहा है। लेकिन बीते कुछ सालों से महिला अपराधों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो बीते साढ़े तीन सालों में महिला हत्या की 31 वारदात घट चुकी हैं।
दहेज हत्या की 30, दुराचार के 124 और छेड़खानी की 247 मामले दर्ज हो चुके हैं। इस साल जनवरी से बीती 15 अक्तूबर तक दो पिछले सालों की तुलना में हत्या और दुराचार के मामलों में तेजी आई है।
जिनमें हत्या के 12 और दहेज हत्या के 08 मामले आ चुके हैं। बलात्कार के 43 और छेड़छाड़ के 55 मामले दर्ज हुए हैं। लगातार बढ़ रहे आंकड़े महिला सुरक्षा के हालातों की दशा बयां कर रहा है।
जिले में एक भी महिला इंस्पेक्टर नहीं
महिला सुरक्षा के दावों के इतर रुद्रपुर जिले में महिला इंस्पेक्टर तक नहीं है। जिले की कोतवाली, थाना और पुलिस चौकियों में तैनात 93 पुरुष एसआई के मुकाबले 05 महिला एसआई ही तैनात हैं। विभाग के पास महिला कांस्टेबलों की भी काफी कमी है। 995 पुरुष कांस्टेबलों के सापेक्ष 128 महिला कांस्टेबल, 28 पुरुष हेडकांस्टेबलों के सापेक्ष महज 2 ही महिला हेडकांस्टेबल तैनात हैं।
महिला अपराधों के लिए महिला हेल्पलाइन चल रही है। महिला संबंधी अपराधों को ज्यादा गंभीरता से लिया जाता है। जितना पुलिस बल जिले में मौजूद है, उनसे बेहतर काम लिया जा रहा है। जिले में महिला थाना खोलने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है।
- केवल खुराना, एसएसपी, यूएसनगर
सादी वर्दी में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
महिलाओं और छात्राओं से होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए अब स्कूलों और अन्य जगहों पर सादी वर्दी में भी पुलिस तैनात होगी।
एसएसपी केवल खुराना ने बताया कि शौर्या टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को सादी वर्दी में बस और विक्रमों में भेजा जाएगा। सफर कर छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाएगा। वे खुद भी मनचलों पर नकेल कसने के लिए सादी वर्दी और प्राइवेट वाहन में स्कूलों और सार्वजनिक जगहों पर जाएंगे।