70 हजार में कर दिया जिगर के टुकड़े का सौदा
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पढ़ें, खेत से टुकड़ों में मिली पांच साल की बच्ची की लाश
गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर डाक्टर की पत्नी को बेटा सौंप कर लौटते हुए उसे घबराया देख पुलिस ने रोका तो नकदी के साथ सच्चाई भी सामने आ गई।
पुलिस ने पीछा कर बच्चे को ले जा रही डाक्टर की पत्नी को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बाद में आरोपी डाक्टर भी गिरफ्तार कर लिया गया।
एनजीओ चलाता है आरोपी डॉक्टर
सीओ सिटी प्रमोद कुमार के मुताबिक आरोपी डाक्टर एक बाल अधिकारों से संबंधित एनजीओ चलाता है और फिरोजाबाद में चिकित्साधिकारी के पद से रिटायर हुआ है। उनकी पत्नी अनीता के जरिये डील अंजाम तक पहुंची।
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सीओ सिटी ने बताया कि सुनीता पत्नी अरुण कुमार कैमरी गांव डोईवाला बैग लेकर रेलवे स्टेशन के सामने से गुजर रही थी। तैनात कांस्टेबल ने शक के आधार पर रोक कर उसके बैग की तलाशी ली तो सत्तर हजार रुपये बरामद हुए।
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गरीब दिख रही महिला के पास इतने रुपए देख उसने लक्खीबाग चौकी को सूचना दी। मौके पर आई पुलिस महिला को चौकी ले आई।
बड़ी बहन भी थी इसमें शामिल
सुनीता ने पुलिस को बताया कि पति बेरोजगार है और नशे में धुत्त रहता है। उसे सात साल की एक लड़की और पांच साल का एक बेटा है। पांच महीने पहले तीसरा बच्चा (लड़का) हुआ। घर में बेटी उसकी देखभाल करती है, तो वह मजदूरी करने जाती।
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एक दिन तबीयत खराब होने पर वह दून अस्पताल भर्ती हुई। यहां बड़ी बहन अनीता मिलने आई। सुनीता ने उससे कहा कि वह तीन बच्चों को नहीं पाल सकती।
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अनीता ने उसे बताया कि वह एक डॉक्टर को जानती है, जिसके परिचित को बच्चे की जरूरत है। कीमत भी अच्छी मिल जाएगी। गुरुवार दोपहर सुनीता बच्चा लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची।
रुपयों के साथ डॉक्टर की ओर से महिला होमगार्ड पहुंची। दोनों में तोल-मोल हुआ और बात 70 हजार में पक्की हो गई।