बेटी की शादी उसके प्रेमी से करवाने के लिए कर दिया पति का कत्ल
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एक खौफनाक मामला सामने आया है। जिसे सुनकर आपके पैरों तले की जमीन खिसक सकती है। बेटी की शादी उसके प्रेमी से करवाने के लिए एक पत्नी ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया।
उत्तराखंड के काशीपुर में विकासनगर ग्राम फसियापुर में मंगलवार रात एक घर में करीब 12.5 लाख की डकैती, गृहस्वामी की हत्या और उसकी नाबालिग बेटी को अगवा कर लिए जाने की घटना से काशीपुर दहल गया। बुधवार शाम होते-होते पुलिस ने इस सनसनीखेज कांड से पर्दा उठाया तो लोग स्तब्ध रह गए। पुलिस जांच में पता चला कि पति का रुपया हड़पने और बेटी की शादी उसके प्रेमी से कराने के लिए मृतक की पत्नी ने बेटी और उसके प्रेमी के संग मिलकर पति का कत्ल किया। इसके बाद बेटी को प्रेमी के संग भगाकर डकैती, डकैती के दौरान हत्या और अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी।
मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आरोपित और फरार उसकी नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित कर दी हैं। 14 घंटे के भीतर खुलासा करने वाली टीम को एसएसपी ने ढाई हजार और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है। विकास नगर ग्राम फसियापुरा निवासी पृथ्वी सिंह (45) पुत्र मोहर की पत्नी रेनू ने मंगलवार देर रात डेढ़ बजे पड़ोसियों के घर का गेट खटखटाकर बताया कि पांच हथियारबंद बदमाश उसके घर में सीढ़ी लगाकर घुसे।
आरोपी महिला ने गड़ी सारी कहानी
बदमाशों ने उसे और उसके पति को बंधक बनाकर मारपीट की। इससे उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला ने पड़ोसियों को बताया कि बदमाश उसकी नाबालिग पुत्री का अपहरण कर घर में रखे 14 लाख रुपये लेकर फरार हो गए। पड़ोसियों ने पृथ्वी सिंह को गंभीर अवस्था में सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डकैती, हत्या और अपहरण की इस वारदात से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मौका मुआयना किया और घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कर दीं।
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बुधवार शाम घटना का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि मृतक की पत्नी रेनू से सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। रेनू ने अपनी नाबालिग लड़की और उसके प्रेमी हरप्रीत के साथ मिलकर अपने पति पृथ्वी सिंह की हत्या कर दी। नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी हरप्रीत को रात में ही घर से भगा दिया।
पति ने कुछ दिन पहले जमीन बेची थी, उससे मिले रुपयों में से घर में मौजूद करीब 12.50 लाख रुपये एक संदूक के पीछे छुपा दिए और लोगों को बता दिया कि डकैत रकम लूट ले गए। पुलिस ने छुपा कर रखी गई यह रकम भी बरामद कर ली है। खुलासे के बाद पुलिस ने रेनू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसकी पुत्री और उसके प्रेमी हरप्रीत पुत्र पाल सिंह निवासी श्रीहरि पर्वतीय कालोनी मानपुर की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित कर दीं। टीम में प्रभारी कोतवाल रचिता जुयाल, एसएसआई लाखन सिंह, जसविंदर सिंह, पीडी जोशी, विनीयता चौहान, युगल उपाध्याय, हरेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।
अपने जाल में खुद ही फंसी रेनू
पति पृथ्वी सिंह की हत्या का तनाबाना रेनू ने रचा तो सटीक था लेकिन अपनी लड़की के प्रेमी हरप्रीत सिंह का नाम लेकर उसने बहुत बड़ी गलती कर दी। इसके अलावा हर बार पूछने पर वह बयान बदल देती। इससे भी पुलिस को उस पर शक गहराने लगा। पुलिस ने सख्ती की तो उसने सब कुछ उगल दिया।
हरप्रीत सिंह कोयले का डंपर चलाता था। जिस जगह वह डंपर चलाता था उसी जगह पृथ्वी सिंह का घर है। पृथ्वी सिंह की बेटी और हरप्रीत सिंह के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हुआ तो हरप्रीत सिंह पृथ्वी सिंह के घर पर एक साल पहले किराए पर रहने लगा। इस दौरान दोनों में प्रेम बढ़ता गया और दोनों जनवरी में भाग गए। तब रेनू को दोनों की प्रेम कहानी की जानकारी थी लेकिन रेनू ने ही हरप्रीत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
दो माह पहले रेनू की घर से भागी बेटी कोतवाली आ गई। चूंकिवह नाबालिग थी और अपने घर नहीं जाना चाहती थी। इसलिए मजिस्ट्रेट ने उसे नारी निकेतन भेज दिया। वह एक महीने नारी निकेतन में रही। करीब एक हफ्ते पहले उसकी मां रेनू उसे घर ले आई। हरप्रीत के साथ रेनू की बेटी का प्रेम प्रसंग जारी रहा। पृथ्वी सिंह अपनी बेटी और हरप्रीत के रिश्ते के खिलाफ था। बीते सोमवार को जब पृथ्वी सिंह ने अपनी गांव की जमीन बेची तो उसमें करीब 16 लाख रुपये पृथ्वी सिंह को मिले। जमीन बेचने के दौरान उसकी बेटी और पत्नी रेनू भी साथ थी।
लड़की और उसके प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या
इसके बाद ही रेनू ने सारी कहानी का तानाबाना बुना और सुनियोजित तरह से मंगलवार की रात अपनी लड़की और उसके प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी।
घटना को डकैती और अपहरण का रूप देने के लिए उसने पड़ोसियों के घर का दरवाजा खटखटाया ताकि किसी को भी शक न हो। लेकिन सीढ़ी से छत पर पांच डकैतों का आना और सीढ़ी से ही वापस जाना यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतरी। इस पर भी रेनू एक गलती और कर बैठी।
रेनू ने पांच में से दो डकैतों को पहचानने की बात कही और इनमें अपनी ही लड़की के प्रेमी का होना भी बताया। इससे पुलिस का शक और गहरा गया। रेनू के बार-बार बयान पलटने से पुलिस को पुख्ता हो गया कि रेनू भी इस घटना में शामिल है। जब पुलिस ने सख्ती बरती तो उसने सबकुछ उगल दिया।
रेनू शायद सही मौके का कर रही थी इंतजार
रेनू अपनी बेटी और हरप्रीत की प्रेम कहानी के बारे में सब जानती थी। पुलिस के मुताबिक वह दोनों को कलियर शरीफ भी ले गई थी। पुलिस के मुताबिक प्रेम प्रसंग के दौरान भागने के बाद हरप्रीत के मालिक ने उसे निकाल दिया था। इसके बाद हरप्रीत कुछ नहीं करता था। वह डंपर लेना चाहता था। रेनू भी चाहती थी कि उसकी बेटी की शादी हरप्रीत से हो जाए। इसलिए जब जमीन बेची तभी पूरी कहानी का तानाबाना बुन लिया गया।
रात में फोन करते देखी गई रेनू की बेटी
पृथ्वी सिंह के घर के पास कुछ मकान और हैं। अधिकतर वहां के लोग छत पर ही सोते हैं। एक पड़ोसी ने बताया कि उन्होंने रात करीब 12 बजे पृथ्वी सिंह की बेटी को छत पर फोन पर बात करते देखा था। पुलिस के लिए भी यह प्वाइंट अहम था कि इतनी रात में लड़की किस से बात कर रही थी। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने जब लड़की का नंबर सर्विलांस पर लगाया तो कहानी की परतें अपने आप खुलती चली गईं।
मेरे कुत्ते कहां हैं, दूध फट जाएगा गर्म कर लूं
घटना के बाद पुलिस मृतक पृथ्वी सिंह की पत्नी रेनू को कोतवाली ले आई। इसके बाद करीब आठ बजे पुलिस उसे दोबारा घर लेकर आई। रेनू घर आते ही सबकुछ भूल गई और अपने कुत्तों को पूछने लगी। इसके बाद जब उसने कपड़े बदले और पुलिस उसे ले जाने लगी तो वह दूध गर्म करने की बात कहने लगी। इससे भी पुलिस को शक हुआ कि इतनी बढ़ी घटना होने के बाद भी रेनू को कुत्तों और दूध की पड़ी है।
सीढ़ी भी बनी खुलासे के लिए अहम सुराग
रेनू ने पुलिस को बताया कि डकैत सीढ़ी से आए और सीढ़ी से ही उतर कर भाग गए। पुलिस ने जिस स्थान पर सीढ़ी लगी थी उसे देखा तो वहां जो छोटे पेड़ पौधे लगे थे वह खड़े ही थे। जबकि सीढ़ी में चढ़ने के दौरान पैरों में आकर उन्हें दब जाना था। इसके अलावा यदि डकैत किशोरी का अपहरण कर सीढ़ी से ले जा रहे थे तो किशोरी ने विरोध क्यों नहीं किया, जबकि अमूमन अपहरण के दौरान विरोध जरूर होता है। ये ऐसे तथ्य से जिससे रेनू का झूठ उजागर हो रहा था।
रेनू और उसकी बेटी दोनो हरप्रीत सिंह से लगातार फोन पर संपर्क में थे
एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि रेनू और उसकी बेटी दोनों हरप्रीत से लगातार संपर्क में थे। इससे साबित होता है कि दोनों ने हरप्रीत को बुलाया घर बुलाया था। एसएसपी ने बताया कि जब हरप्रीत घर आया तो पृथ्वी सिंह से उसकी बहस और हाथापाई हो गई। इसी दौरान हरप्रीत ने पृथ्वी सिंह को जमीन पर गिराकर उसकी हत्या कर दी। सिर के पिछले हिस्से में गहरी चोट आने से मर गए हरप्रीत को तीनों ने मिलकर चारपाई से बांध दिया।