92 दिन के प्यार की खातिर पत्नी ने किया 14 साल के रिश्ते का खून
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एक नौजवान के 92 दिन के प्यार में अंधी हुई तीन बच्चों की मां ने 14 साल के जीवन साथी की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। पुलिस ने सोमवार को हत्यारोपी पत्नी और प्रेमी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर मृतक का शव बरामद कर लिया। उसे नींद की गोलियां देकर बेहोश करने के बाद सल्फास खिलाकर मारा गया।
घटना सहसपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव की है। चाऊमीन बेचने वाला हरकेश (40) 15 अक्तूबर को रहस्मय ढंग से गायब हो गया था। अगले दिन 16 अक्तूबर को पत्नी मीरा देवी ने पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने सोमवार को हरकेश हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने उधार की देनदारी, जमीनी विवाद और पत्नी के अवैध रिश्तों को लेकर जांच पड़ताल शुरू की थी। दो कारणों में दम न मिलने पर अवैध रिश्तों पर जांच केद्रिंत की गई।
पहले किया गुमराह पर अपने ही बयानों में फंसती गई
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर पत्नी मीरा देवी से पूछताछ की। पहले तो वह गुमराह करती रही, लेकिन बाद में वह अपने बयानों में फंसकर पूरा सच बता गई। महिला के बयान पर पुलिस ने प्रेमी हरीश निवासी शिवाजी एन्क्लेव लखनवाला और उसके दोस्त शुभम निवासी जस्सोवाला को गिरफ्तार कर लिया।
उनकी निशानदेही पर पुलिस ने सोमवार सुबह हरकेश की लाश भी ढकरानी पावर हाउस के पास शक्ति नहर के इंटेक से बरामद कर ली। एसपी देहात जीएस ध्यानी और सीओ विकासनगर एसके सिंह इस दौरान मौजूद रहे।
एसएसपी ने बताया कि हरीश मृतक हरकेश के यहां बीड़ी, सिगरेट आदि की सप्लाई करता था। मीरा भी पति के साथ काम में हाथ बंटाती थी।
पहले नशीली गोलियां दी फिर दवा बता खिलाया सल्फास
करीब तीन माह पहले सामान बेचने वाले हरीश और हरकेश की पत्नी मीरा देवी के बीच बातचीत के बाद अवैध रिश्ते बन गए। हरकेश को उनके संबंधों का पता चल गया जिस पर उसने ऐतराज जताया। इसके बाद मीरा ने प्रेमी संग मिलकर हरकेश को रास्ते से हटाने की योजना बना डाली।
15 अक्तूबर की रात हरकेश को खाने में नशे की गोलियां पीस कर खिलाई गईं। साथ में रहने वाले ससुर मान सिंह और तीन बच्चों को भी गोलियां देकर बेहोश कर दिया, ताकि वो किसी तरह का विरोध न कर सकें। अत्यधिक नशे की डोज के कारण हरकेश की हालत बिगड़ गई।
बाद में दवा के बहाने उसे सल्फास खिला दिया। मीरा ने देर रात प्रेमी हरीश को फोन कर साथी समेत बुला लिया। हरीश और उसका साथी कार में हरकेश को ले गए और उसे शक्ति नहर में फेंक दिया गया।
एक दूसरे को दोषी ठहराते रहे आरोपी
पुलिस हिरासत में हत्यारोपी पत्नी मीरा देवी और उसका प्रेमी हरीश एक दूसरे को हत्याकांड के लिए दोषी ठहराते रहे। मीरा का कहना था कि वह बहकावे में आ गई थी। पूरी योजना को हरीश और उसके साथी ने ही अंजाम दिया। उससे गलती हो गई। जबकि हरीश का कहना था कि हरकेश के कत्ल के लिए मीरा ने ही दबाव बनाया था। मारने के बाद शव को कार में रखवाने में मीरा ने पूरी भूमिका निभाई। अब बदल रही है।
पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी ने पुलिस टीम में शामिल सहसपुर थानाध्यक्ष यशपाल सिंह, सेलाकुई चौकी प्रभारी दिलवर सिंह, साभावाला चौकी प्रभारी प्रमोद शाह, सुनील पंवार, कांस्टेबल रविन्द्र कुमार, धीरज सिंह, नरेश पंत और बिरेन्द्र सिंह को 2500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।