{"_id":"fc7f5402d990e0cb43d0579791a6973d","slug":"vehicle-thieves-save-from-police-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुछ इस तरह पुलिस से बच रहे वाहन चोर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कुछ इस तरह पुलिस से बच रहे वाहन चोर
राकेश शर्मा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 22 Aug 2014 11:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेस्ट यूपी के बाद देहरादून में अब वाहन चोरी कर पार्किंग स्थल में खड़े करने का ट्रेंड उजागर हुआ है।
विज्ञापन
तेजी से बढ़ा वाहन चोरी का ग्राफ
डीजीपी को पहले ही इस तरह के इनपुट मिल गए थे। हालांकि पार्किंग चेकिंग के निर्देश को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। गुरुवार की कार्रवाई में बरामद हुए वाहनों से इस संभावना को बल मिला है। दून शहर में वाहन चोरी का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।
हर चोरी के बाद चेकिंग के लिए वायरलैस खटकते है, लेकिन चेकिंग में चोर कम ही पकड़ में आते है। वाहन चोर पकड़े गए तो यह बात सामने आई थी, पर पुलिस ने उसे गंभीरता से लेने की जरुरत महसूस नहीं की।
विज्ञापन
सूबे के मुखिया की बात से भी पुलिस की कुंभकर्णी नींद नहीं टूट सकी है।
यह होता है चोरों का ट्रेंड
वाहन चुराने के बाद पुलिस सक्रियता के डर से चोर वाहन को ज्यादा दूर ले जाने का रिस्क नहीं लेते है। वह सीधे ही पास की पार्किंग में वाहन लेकर घुस जाते है।
विज्ञापन
वाहन खड़ा करने की रसीद कटवाई और फुर्र हो गए। दो से तीन दिन में पुलिस प्राथमिकता से वह वाहन निकल जाता है। फिर चोर रसीद के सहारे फुरसत से चोरी के वाहन को निकालकर अपने ठिकाने तक पहुंचा देता हैं।
पार्किंग संचालक नहीं लेते आईडी
पार्किंग में दिन-रात सैंकड़ों वाहनों का आवागमन होने के कारण यह काम पूरी तरह विश्वास पर ही चलता है। संचालकों द्वारा वाहन स्वामी से किसी तरह की आईडी नहीं ली जाती है। इसका फायदा चोर उठा ले जाते हैं।
पार्किंग में 11 कार और एक स्कूटर लावारिस
दून में आकस्मिक चेकिंग के दौरान दो पार्किंग स्थलों से 11 कार और एक स्कूटर बरामद हुए है। एक से लेकर दो माह की अवधि में उनका कोई दावेदार सामने नहीं आया हैं।
हैरत की बात यह है कि पार्किंग संचालक ने भी पुलिस से शिकायत करने की जहमत नहीं उठाई है। इन वाहनों के चोरी के होने की संभावनाएं जताई जा रही है।
राजपुर रोड स्थित आनंद स्वीट्स के मालिक आनंद गुप्ता ने बृहस्पतिवार को पुलिस को फोन किया कि करीब डेढ़ माह से उनकी पार्किंग में लावारिस सैंट्रों कार खड़ी है। कार खड़ी करने वापस नहीं आए है।
एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय ने यातायात पुलिस को भेजकर कार को जब्त करा लिया। इसी आधार पर एसपी ट्रैफिक ने तीसरे पहर एमडीडीए कांप्लैक्स की पार्किंग का आकस्मिक निरीक्षण किया।
कई घंटे की जांच पड़ताल के बाद यहां से करीब 10 कार और एक लावारिस स्कूटर मिला है, जिन्हें लेने के लिए मालिक नहीं आए है। इन कारों में चमचमाती इको स्पोर्ट के अलावा मारूति कारे, वैन, सैंट्रों शामिल है।
पुलिस ने इन वाहनों को कब्जे में ले लिया है। इनमें से कुछ की रसीद भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
इसके बाद पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन स्थित पार्किंग की भी चेकिंग कराई गई, लेकिन यहां कोई लावारिस वाहन नहीं मिल सका है। बताया कि 11 कारों और स्कूटर को जब्त करने की कार्रवाई लिखापढ़ी में ली गई है।
चोरी के हो सकते है वाहन
जब्त किए गए इन वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन और चेसिज नंबर के आधार पर उनके मालिक का पता लगाया जाएगा।
जांच पड़ताल में साफ हो पाएगा कि यह किसके नाम है और कहां से चोरी हुए है। आपराधिक घटनाओं में उनके प्रयोग से भी इंकार नहीं किया जा सकता है।
पार्किंग संचालकों की जिम्मेदारी होगी तय
एसपी ट्रैफिक प्रदीप कुमार राय ने बताया कि एमडीडीए पार्किंग ठेकेदार को तलब किया गया है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में मिलने वाले ऐसे वाहनों को लेकर पार्किंग संचालकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। भविष्य में इस तरह की आकस्मिक चेकिंग की जाएगी।