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बहन ने मां के नाम किया प्लॉट इसलिए भाई बना 'शिकार'
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 17 Dec 2013 02:07 PM IST
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बहन के ससुरालियों के साथ चल रहे प्रॉपर्टी विवाद ने देहरादून निवासी वीडीओ की जान ले ली।
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हत्या की साजिश महीनों से रची जा रही थी। द्विवेश की बड़ी बहन ऋतु का अपनी करोड़ों रुपए की जमीन मां के नाम करना उसके ससुरालियों को नागवार था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच विभिन्न अदालतों में मुकदमे भी चल रहे हैं।
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आरोपियों ने कई बार धमकी भी दी
वीडीओ और उनके परिजनों को आरोपियों ने कई बार धमकी भी दी थी। मूलत: अब्दुल्लापुर, बिहारीगढ़ सहारनपुर निवासी वीडीओ द्विवेश के पिता धर्मपाल कांबोज सहारनपुर में खंड विकास अधिकारी थे।
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नांगल से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने शक्ति विहार में करीब बीस साल पहले मकान बनाया और यहीं शिफ्ट हो गए। द्विवेश धर्मपाल के इकलौते बेटे थे, उनकी बेटी ऋतु की शादी हरिपुर बेहट सहारनपुर निवासी संजय कांबोज से हुई थी।
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संजय यूपी आबकारी विभाग में हेड कांस्टेबल थे। गांव में उनके नाम पर 22 बीघा जमीन थी, इसके अलावा उन्होंने शिमला बाईपास देहरादून में प्लाट और रुड़की में मकान भी खरीदा था।
मां के नाम किया प्लॉट
वर्ष 2012 में संजय की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसके बाद यह सारी प्रॉपर्टी उनकी पत्नी ऋतु के नाम हो गई, जो टीचर हैं और रुड़की में रहती हैं। जानकारी के मुताबिक ऋतु ने छह महीने पहले ही शिमला बाईपास का प्लाट अपनी मां शिमला देवी के नाम कर दिया था।
उनके ससुराली इस जमीन में और संजय की अन्य संपत्तियों में हिस्सा चाहते थे। तब रजिस्ट्री के दौरान देहरादून तहसील में दोनों पक्षों में जमकर मारपीट भी हुई थी। द्विवेश अपनी बहन ऋतु के साथ खड़े थे, यही बात ऋतु के ससुरालियों को चुभ रही थी।
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दोनों पक्षों में प्रापर्टी के स्वामित्व पर सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून की अदालतों में मुकदमे भी चल रहे हैं। सोमवार को दून में सुनवाई भी होनी थी।
लेकिन इससे पहले ही द्विवेश की जान ले ली गई। उधर, पुलिस का कहना है कि ऋतु के रुड़की में दूसरी शादी करने की बात भी सामने आ रही है।
पत्नी ने जताया बच्चों को खतरा
द्विवेश की हत्या के वक्त घर में उनकी पत्नी लवली भी मौजूद थी। गोली चलने की आवाज सुनकर वह बाहर आई लेकिन पति को लहूलुहान देख बेसुध हो गईं।
कई घंटे बाद उन्हें होश आया तो वह रोते हुए बस यही बात दोहराती रही कि उनके बच्चों को भी खतरा है। द्विवेश की दो बेटियां हर्षिता, अंशिका और एक बेटा हर्ष है। हर्ष दसवीं, हर्षिता चौथी और अंशिका दूसरी कक्षा में पढ़ती है। घटना के वक्त बच्चे घर में नहीं थे। वे तीनों सुबह ही स्कूल चले गए थे।
सीसी कैमरे में तस्वीरें कैद
जानकारी के मुताबिक निरंजनपुर मंडी के पास लगे क्लोज सर्किट (सीसी) कैमरे में तीनों बदमाशों की तस्वीरें कैद हैं। सुबह साढ़े नौ बजे शक्ति विहार कॉलोनी के गेट से भीतर घुसते हुए 10:14 बजे कॉलोनी से निकलते हुए बाइकसवार बदमाश कैमरे की नजर में आए। पुलिस ने ये तस्वीरें मंगा ली हैं।
मौके से दो खोखे बरामद
सूचना पर पटेलनगर के साथ अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची। मौके पर दो खोखे बरामद किए गए। माना जा रहा है कि बदमाशों ने चार गोलियां चलाई थीं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। द्विवेश के सिर और बाईं आंख के पास गोलियों के निशान पाए गए हैं। उनकी छाती पर भी चोट के निशान मिले।
यूपी पुलिस के सिपाही पर संदेह
पुलिस ने वारदात में शामिल बाइक की जानकारी सहारनपुर आरटीओ से ली तो इसके मालिक का नाम संत कुमार निवासी न्यू आवास विकास कॉलोनी नियर पुलिस लाइन सहारनपुर बताया गया।
पूछताछ में संत कुमार ने बताया कि उसकी यह बाइक लंबे समय से यूपी पुलिस (सहारनपुर) का एक निलंबित सिपाही चला रहा था। उसका नाम मनोज बताया गया है। हालांकि, यह पुष्टि नहीं हो सकी है कि तीसरा युवक मनोज या संत कुमार में से कोई था या कोई अन्य ही युवक आया था।