मां-बाप की मौत के बाद चाचा ने लगाई मासूम की बोली
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उत्तराखंड के खटीमा में एक किशोरी को उसके अपने चाचा ने बेचना चाहा। माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुई एक किशोरी को उसके सगे चाचा ने 25 हजार रुपए में सौदा कर दिया।
किशोरी को जब इसकी भनक लगी तो वह भाग निकली। किशोरी किसी तरह गांव में पहुंची तो उसने ग्रामीणों को आपबीती बताई, जिस पर ग्राम प्रधान ने किशोरी को पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने किशोरी को परगना मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया।
परगना मजिस्ट्रेट चंद्र सिंह इमलाल ने किशोरी के बयान दर्ज कर उसे अनाथालय भेज दिया। आरोपी चाचा फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। परगना मजिस्ट्रेट के यहां दर्ज बयान में लखनऊ निवासी किशोरी ने बताया कि उसकी मां की मौत चार माह पूर्व हुई थी।
चाचा पर शक हुआ तो बच कर भागी किशोरी
मां की मौत के बाद एक माह पूर्व उसके पिता मुन्ना लाल का भी सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। उसके बाद वह अपने चाचा के घर चली आई। इस दौरान चाचा ने किशोरी को एक लहंगा बनाने वाले कारखाने में नौकरी पर लगा दिया।
चार दिन पूर्व चाचा ने कहा कि बरेली में लहंगा बनाने का काम बहुत होता है। इसलिए 29 नवंबर को वह चाचा के साथ बरेली आने के लिए निकली, लेकिन चाचा उसको लेकर खटीमा के बग्घा 54 पहुंच गया।
यहां पहुंचकर उसका चाचा दो लोगों से बात करने लगा तो उसे शक हुआ कि चाचा उसे 25 हजार में दोनों लोगों के हाथ बेच रहा है, जिस पर वह वहां से भाग गई और ग्रामीणों को आपबीती सुनाई।
किशोरी की बात सुनने के बाद ग्राम प्रधान अतीक अहमद और अन्य ग्रामीणों ने किशोरी को पुलिस को सौंप दिया।