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हैवानियत की यह दास्तां सुन रो पड़े SSP

Wed, 23 Jul 2014 03:20 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 23 Jul 2014 03:20 PM IST
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uncle rape his niece in haldwani

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हैवानियत की हद पार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मामा ने अपनी ही भांजी की इज्जत को तार-तार कर दिया।

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इतना ही नहीं रिश्ते के मामा ने नाबालिग भांजी से बलात्कार कर उसका सौदा भी कर डाला। यकीन करना मुश्किल है लेकिन यह सच है। दुष्ट मामा की दुष्टता यही खत्म नहीं हुई।
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अपनी और दोस्त की हवस की आग बुझाने के बाद भांजी को हापुड़ के एक बूढ़े को दस हजार रुपए में बेच डाला। बूढे़ ने नाबालिग से शादी कर ली।

मामा और बूढ़े की तमाम यातनाएं सहन करने वाली नाबालिग पांच बाद किसी तरह भागकर अपनी मां के पास पहुंची है।

आपबीती सुन एसएसपी की आंखें भर आईं

uncle rape his niece in haldwani

मंगलवार को नाबालिग की आपबीती सुनकर एसएसपी की आंखें भी भर आई। पुलिस ने मामा को गिरफ्तार कर लिया है।

शादी करने वाले बूढ़े और बलात्कार करने वाले मामा के दोस्त की तलाश में पुलिस की टीमें हापुड़ और गाजियाबाद भेजी जा रही हैं।

आशा (काल्पनिक नाम) 2009 में कक्षा छह में पढ़ती थी। तब उसकी उम्र महज 12 साल थी। भवाली के एक गांव का उसका रिश्ते का मामा हरीश अपनी पत्नी की तबियत खराब होने की बात कहकर आशा को अपने घर बुलाकर ले आया।

हरीश ने घर में आशा को सब्जी और दही खाने को दिया। इसे खाते ही आशा अचेत हो गई। आशा के मुताबिक हरीश का भाई महेश यानि उसका छोटा मामा उसे जोर जबर्दस्ती कार में बैठाकर दिल्ली ले जाने लगा।

हाथ-पैर बांधकर किया बलात्कार

uncle rape his niece in haldwani

महेश दिल्ली में नौकरी करता था। जब उसे होश आया उसने साथ जाने से इंकार कर दिया।

महेश उसे कार में जबरन ले गया और गरम चाकू से दागा। आशा के मुताबिक महेश उसे मेहरावा जंगल ले गया। वहां उसके हाथ और पैर बांधकर बलात्कार किया।

फिर उसे लेकर गाजियाबाद चला गया। गाजियाबाद में महेश ने आशा को अपने एक अन्य दोस्त महेश (इसका भी नाम महेश है) के हाथों बेच दिया। महेश ने भी उसके हाथ और पैर बांध दिए।

इस बीच उसे नशीला इंजेक्शन लगाए गए और कई दिनों तक बलात्कार किया।

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आशा को दस हजार रुपए में बेचा

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शारीरिक शोषण करने के बाद आशा को पीनपुर हापुड़ निवासी डंपर चालक अशोक (60) को दस हजार रुपए में बेच दिया।

अशोक ने दो साल पहले आशा से शादी कर ली। तब आशा की उम्र 15 साल हो गई थी। आशा के मुताबिक अशोक के परिचित जितेंद्र ने भी उससे साथ कई बार बलात्कार किया।

शिकायत पर सास अतर कली उसे ही डांटती थी। बूढ़े से शादी होने के बाद आशा ने हापुड़ के एक अस्पताल में बेटे को जन्म दिया।

आशा की ऐसी हालत देखकर एक अन्य सहृदय बुजुर्ग ने उसे बुर्का पहनकर भागने की सलाह दी, जिसके बाद ही वह बूढ़े के चुंगल से निकल सकी।

मुझे न्याय चाहिए साहब!

uncle rape his niece in haldwani

घर पहुंचकर आशा ने मां को शोषण की दास्तां सुनाई। मां बेटी को न्याय दिलाने एसएसपी के पास पहुंची। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामा हरीश को गिरफ्तार कर लिया है।

दूसरा मामा महेश, अशोक, जितेंद्र के खिलाफ बलात्कार, पीनपुर के ग्राम प्रधान दिग्विजय सिंह, सास अतरकली के खिलाफ अवैध हिरासत में रखने का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में सभी आरोपियों पर पास्को भी लगाया जाएगा।
 
एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में रोते हुए आशा ने प्रभारी से कहा कि उसे न्याय चाहिए। जीवन जीने के लिए खर्चा चाहिए, क्योंकि अब उससे तो कोई शादी नहीं करेगा। कक्षा छह तक पढ़ने के बाद उसकी पढ़ाई छूट गई।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
आशा के गायब होने पर उसकी मां ने भवाली थाने में पांच साल पहले गुमशुदगी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उसे ढूंढने के बजाय मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।

इसी कारण गायब आशा नहीं मिल सकी और कीचड़ में फंस गई। तभी कार्रवाई होती तो आशा बचाई जा सकती रा। इधर बहन के पूछने पर मामा कहता रहा कि उसे आशा के बारे में पता नहीं है।

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