गैंगवार में इन दो जांबाज सिपाहियों ने लिया लोहा, पढ़िए किस बहादुरी से कुख्यात के हत्यारों को पकड़ा
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चारों तरफ हो रही गोलियों की बरसात के बीच इन दो सिपाहियों ने कोर्ट में कुख्यात देवपाल राणा के हत्यारों को पकड़ा। पढ़िए कैसे उन्होंने बदमाशों को सरेंडर करने के लिए मजबूर कर दिया।
पीएसी के दो जवान और कोर्ट के पैरोकार साहस दिखाकर बदमाशों को न दबोचते तो पुलिस कयास लगाती रहती कि आखिर इस गैंगवार के पीछे कौन है। पकड़े गए बदमाशों के अलावा खुद देवपाल ने पुलिस को बयान दिया कि इस घटना में ननौता ब्लॉक प्रमुख पति ऋषिपाल राणा का हाथ है।
गैंगवार के दौरान जैसे ही बदमाशों ने देवपाल को निशाना बनाया और गोलियां बरसाते हुए भागने की कोशिश की तो परिसर में तैनात पीएसी के कांस्टेबल नारसन निवासी सर्वेश कुमार ने अपनी रायफल से बदमाशों पर गोली दागनी शुरू की।
हालांकि सर्वेश ने बदमाशों को सीधे गोली नहीं मारी। क्योंकि इससे अफरातफरी में भाग रहे लोगों के घायल होने का पूरा अंदेशा था। इसके बाद बदमाश एडीजे कोर्ट में घुस गए। तब सर्वेश के साथ कोर्ट के पैरोकार ललित शर्मा और नवनीत चौधरी ने मोर्चा संभाला और कोर्ट रूम में घुसे बदमाशों पर फायर करते हुए सरेंडर करने को मजबूर किया।
उसके बाद तीनों जांबाजों ने बदमाश मोहित और अजय (निवासी जिंद) को दबोच लिया। इस पर अधिवक्ता और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और दोनों बदमाशों की जमकर धुनाई कर दी।
हो-हल्ला सुनकर मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने घेरा बनाकर बदमाशों को हिरासत में लिया। डीआईजी पुष्पक ज्योति के निर्देश पर एसएसपी ने जांबाज जवानों के साहसिक परिचय देने पर पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।