'मुन्नाभाई' बच गए, पकड़े गए 'डायरेक्टर'
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राजधानी देहरादून में इन दिनों भर्ती परीक्षा में अपनी जगह मुन्ना भाइयों को बिठाने का चलन जोरों पर हैं। हालांकि इसके लिए अब प्रशासन के साथ स्कूल प्रबंधन भी सक्रिय हो गया है।
ऐसी ही एक घटना का पर्दाफाश भर्ती परीक्षा में अपनी जगह मुन्ना भाइयों को बिठाने वाले तीन युवकों को आर्डनेंस फैक्ट्री प्रबंधन ने पकड़ कर किया।
प्रबंधन की ओर से मुकदमे के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सितंबर में आर्डनेंस फैक्ट्री ने आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए ग्रुप सी की परीक्षा कराई थी। इसमें कुछ अभ्यर्थियों की जगह दूसरों के बैठने की बात सामने आई थी।
परीक्षा पास करने पर संदेह
फैक्ट्री प्रशासन की इंटेलीजेंस विंग मामले की पड़ताल में जुटी थी। रविवार को इंटरव्यू में तीन युवक सवालों का ठीक से जवाब नहीं दे सके तो उनके लिखित परीक्षा पास करने पर संदेह हुआ।
फैक्ट्री के अपर महाप्रबंधक आरएस ठाकुर और इंटेलीजेंस अधिकारियों ने बिहार के इन तीनों युवकों दीपक कुमार गांव बन्नी खेरा जिला छपरा, अमित कुमार ग्राम ब्रह्मखान बरियापुर मुंगेर और अमरेश कुमार निवासी ग्राम मोराम रजान पांके से अलग-अलग पूछताछ की।
धोखाधड़ी का आरोपी
सूत्रों के अनुसार, युवकों ने मुन्ना भाइयों के बड़े नेटवर्क की बात बताई, जो एक लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का जिम्मा लेते हैं। फैक्ट्री प्रशासन ने तीनों युवकों को धोखाधड़ी का आरोपी माना। फैक्ट्री प्रबंधन अब परीक्षा कराने वाली एजेंसी की भूमिका भी जांच रहा है। आशंका है कि परीक्षा में अन्य अभ्यर्थी भी इस तरह से परीक्षा दे चुके होंगे। इसे रक्षा संस्थान की सुरक्षा में भी सेंध माना जा रहा है। रायपुर थानाध्यक्ष शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि तीनों युवकों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।