काम कर ही चुके थे चोर कि तभी पड़ गई दंपति की नजर
दिल्ली से मसूरी घूमने के लिए आए एक दंपति सजगता की वजह से लूटने से बच गए। विक्रम में सवार तीन टप्पेबाजों ने तो हजारों की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर कर ही दिया था, लेकिन ऐन वक्त पर दंपति की सतर्कता से घटना टल गई। इस बीच दंपति के शोर मचाने पर एकत्र हुए लोगों ने आरोपियों को जमकर धुनाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया।
दिल्ली के भजनपुरा निवासी मनीष कुमार अपनी पत्नी सीता के साथ शनिवार को मसूरी घूमने आए थे। दून में आईएसबीटी पर बस से उतरने के बाद दंपति विक्रम में सवार होकर रेलवे स्टेशन स्थित मसूरी बस स्टैंड की तरफ जा रहे थे।
विक्रम में उनके अलावा तीन अन्य युवक भी सवार थे। इन युवकों के हाथ बैग में रखे करीब 57 हजार रुपये की नकदी और हजारों रुपये के जेवरात तक पहुंच गए थे।
खुले बैग पर नजर पड़ी तो उड़ गए होश
इसी बीच मनीष की नजर खुले बैग पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाकर विक्रम को रुकवा लिया। नकदी और जेवर निकालने के शोर पर एकत्र हुए लोगों ने आरोपी तीनों युवकों को पकड़ लिया।
गुस्साए लोगों ने तीनों की जमकर धुनाई कर डाली। इसके बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। यूपी के बिजनौर जिले के रहने वाले आरोपियों के नाम भरत भूषण झाल, सुरेश वर्मा गंगनहर कालोनी और शफीक अहमद फरीदपुर बताए गए हैं।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि उन्हें अटैची, सूटकेस और बैग खोलकर सामान निकालने की महारथ हासिल है। मुकदमा दर्ज कर आरोपियों का चालान किया जा रहा है।