दिल्ली के रिटायर्ड एयरफोर्स अफसर से एक करोड़ 42 लाख रुपए की ठगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन दिलाने के नाम पर एयरफोर्स के रिटायर्ड अधिकारी और उसके पार्टनर से करीब एक करोड़ 42 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है।
2015 में नई दिल्ली के पालम अपार्टमेंट निवासी और एयरफोर्स से रिटायर्ड अधिकारी कुलदीप सिंह ने अपने पार्टनर के साथ प्रापर्टी डीलर दुर्गा रानी अरोड़ा से देहरादून के गुजराड़ा में 1698 गज जमीन का सौदा किया था। दुर्गा अरोड़ा का कहना था कि यह जमीन सनसाइन ट्रस्ट की है, जिससे उसका अनुबंध हो गया है।
बाकायदा उसकी बात की पुष्टि ट्रस्ट के प्रबंधक सीताराम धवन और बिचौलिए प्रमोद पुरी ने भी की। करीब तीन करोड़ रुपये में सौदा हुआ। पेशगी के रूप में किश्तों में चेक के माध्यम से एक करोड़ 42 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
एसआईटी की जांच के बाद खुला राज
2016 में जमीन का बैनामा कराने की बात तय हुई थी, लेकिन वे लोग कुलदीप सिंह और उनके पार्टनर को गुमराह करते रहे। ठगी का खुलासा होने पर सिंह ने डीआईजी से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। एसआईटी (भूमि) की जांच में आरोप की पुष्टि हुई।
इसके बाद एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर राजपुर पुलिस ने दुर्गा रानी उसके दो पुत्रों पंकज अरोड़ा, विकास अरोड़ा, इंद्रजीत सिंह, प्रमोद पुरी और ट्रस्ट के प्रबंधक सीताराम धवन के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
डरकर प्रोपर्टी डीलर ने किया समझौता
पुलिस की कार्रवाई से डरकर एक प्रॉपर्टी डीलर ने जमीन की रजिस्ट्री करा दी। विकासनगर के बरोटीवाला निवासी सोनी ने एसआईटी में शिकायत की थी कि विजय सिंह ने उन्हें जमीन दिलाने का झांसा देकर तीन लाख 50 हजार रुपये लिए थे।
आरोपी अब जमीन की रजिस्ट्री कराने के बजाय आनाकानी कर रहा है। एसआईटी की जांच शुरू हुई कि विजय सिंह ने समझौता कर लिया। सोनी ने बृहस्पतिवार को डीआईजी पुष्पक ज्योति से मिलकर बताया कि एसआईटी के दबाव में आरोपी पक्ष ने 17 मई को जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम करा दी है।