सौतेले बेटे ने दिवाली की रात किया पूरे परिवार का कत्ल
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दीपावली की रात देहरादून की पाश कालोनी में अपने ही खून ने खून की ऐसी होली खेली कि राजधानी दहल गई। दून एडवाइजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, उनकी पत्नी, गर्भवती बेटी और तीन साल की नातिन की चाकुओं से गोदकर नृशंस हत्या कर दी गई।
पुलिस का दावा है कि कारोबारी की दूसरी पत्नी के युवा बेटे ने चाकू से गोदकर मारा है। हत्याकांड में कारोबारी की गोद ली हुई बेटी का सात साल का बेटा बच गया है।
सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस ने हत्या आरोपी को मोहल्ले से ही नशे की हालत में पकड़ लिया। हत्या में इस्तेमाल चाकू और खून से लथपथ कपड़ों को बरामद किया है। मामले में पूछताछ के लिए कारोबारी की दूसरी पत्नी, उसके बेटे और भाई को सहारनपुर से दून लाया गया है। खूनी खेल के पीछे पुलिस सौतेले व्यवहार को बड़ी वजह बता रही है।
गर्भवती बहन और तीन साल की भांजी को भी मारा
चकराता रोड स्थित आदर्श नगर में दून एडवाइजर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सरदार जय सिंह (60) परिवार के साथ रहते थे। बृहस्पतिवार तड़के करीब 5 बजे जय सिंह की दूसरी पत्नी के 22 वर्षीय बेटे हरमीत सिंह ने जय सिंह, उनकी पहली पत्नी कुलवंत कौर (55), गोद ली गई और यमुनानगर में ब्याही गर्भवती बेटी हरजीत कौर (29) उसकी बेटी सुखमणि (3) की चाकू से बेरहमी से गोदकर हत्या कर दी।
हरजीत कौर के 7 साल के बेटे कंवलजीत सिंह को भी चाकू मारकर घायल किया था, लेकिन उसकी जान बच गई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जय सिंह का पलटन बाजार में कलर आर्ट्स के नाम से एडवाइजर्स का कारोबार है।
वारदात की जानकारी शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तब हुई जब जय सिंह की नौकरानी काम करने के लिए आई। उसके कॉलबेल बजाने पर हरमीत सिंह ने दरवाजा खोला और बोला कि आज घर में कोई काम नहीं है।
चाकुओं से किए 46 वार, चारों तरफ खून
हरमीत के खून से सने कपड़ों को देखकर नौकरानी को शक हो गया। इस संबंध में वह पड़ोसियों से बातचीत कर ही रही थी कि हरमीत अपने कपड़े बदलकर घर से भाग गया। इसी बीच जय सिंह के पड़ोसी और रिश्तेदार जयसिंह के घर के अंदर गए तो जय सिंह, कुलवंत कौर, हरजीत कौर और सुखमणि खून से लथपथ मिले।
हरजीत कौर की सांसें चल रही थी। उसे तत्काल पास के नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत बता दिया। सात साल के कंवलजीत की कमर में चाकू से दो वार किए हैं। लेकिन उसकी जान बच गई है।
घर में अलग-अलग कमरों में सो रहे लोगों के शरीर को चाकू से बुरी तरह से गोदा गया है। पुलिस का कहना है कि सभी के शरीर पर कुल 46 वार किए गए हैं। मृतकों के शरीर से इतना खून बहा है कि वह घर के बाहर तक फैल गया था।
वारदात की जानकारी मिलते ही आसपास के सैकड़ों लोग पहुंच गए। डीजीपी बीएस सिद्धू, एडीजी राम सिंह मीणा, डीआईजी संजय गुंज्याल, एसएसपी अजय रौतेला, एसपी सिटी अजय सिंह, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा भी आ गए।
पिता के आने पर मासूम ने खोला राज
एसएसपी अजय रौतेला ने बताया कि कंवलजीत के बचने के बाद हरमीत ने उसे काफी डराया-धमकाया था। उससे कहा था कि कोई पूछे तो कह देना कि तीन नकाबपोश आए थे, उन्होंने ही सबकी हत्या कर दी। बताया जाता है कि हरमीत अपने भांजे कंवलजीत को बहुत प्यार करता है।
इस वजह से उसने पहले उसकी बात मान ली। उसने पुलिस को हरमीत की गढ़ी कहानी को ही बताया। पुलिस पहले इसी बिंदु पर काम करती रही, लेकिन तीसरे पहर पिता अरविंदर सिंह के आने के बाद कंवलजीत ने सामूहिक कत्ल का राज खोल दिया।
मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया
जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी हरमीत सिंह ने पहले अपने को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताता रहा। बाद में भूत और आत्मा द्वारा कत्ल किये जाने की कहानी सुनाने लगा। अब तक की जांच में सामने आया है कि हरमीत ने अकेले ही सभी को चाकू से गोदकर मार डाला।
नौ साल पहले दूसरी बीवी से सेटलमेंट
हत्याकांड की तह तक में जाने के लिए दून पुलिस सहारनपुर में रहने वाली दूसरी बीबी तक गई। महिला पहले यूपी पुलिस में रही है। एसपी सिटी अजय सिंह के मुताबिक उसे वारदात की जानकारी नहीं थी।
नौ साल पहले ही अदालत के आदेश पर जयसिंह और दूसरी पत्नी के बीच सेटलमेंट हो गया था। बड़ा बेटा हरमीत सिंह पिता जय सिंह के पास चला आया था, जबकि छोटा मां के पास रह रहा है। सेटलमेंट में महिला को लाखों की रकम दी गई थी।
डिलीवरी के लिए मायके आई थी हरजीत कौर
हरियाणा के यमुनानगर में ब्याही जयसिंह की गोद ली गई बेटी हरजीत कौर इन दिनों डिलीवरी के लिए मायके आई हुई थी। उसे आपरेशन के लिए एक-दो दिन की तारीख मिली थी। लेकिन उससे पहले ही उसके सौतेले भाई ने उसकी जान ले ली।