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जेल में बंद देश के नामी कुख्यातों के बारे में एसएसपी ने खोले ऐसे राज, हिल गया पुलिस विभाग

Mon, 25 Dec 2017 01:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 25 Dec 2017 01:10 AM IST
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ssp revealing for gangster use mobile in haridwar jail

जेल में बंद देश के कुख्यातों के बारे में एसएसपी ने ऐसा खुलासा कि सुनकर पूरा पुलिस महकमा हिल गया। वहीं एसएसपी कृष्ण कुमार वीके के खुलासे से हरिद्वार जेल पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। इस तरह की बात भी चर्चा में है कि हरिद्वार जेल में एक दो नहीं कई मोबाइल मिले।

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हर दूसरा दबंग कैदी मोबाइल फोन लेकर बैठा है। कुख्यात सुनील राठी के एक गुर्गे के पास जेल में ही मोबाइल फोन होने की बात से खुद एसएसपी ने पर्दा उठाया है। इस बाबत रिपोर्ट भी आईजी जेल पीवीके प्रसाद को भेजी गई है। 
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जेल में मोबाइल फोन एक आम सी बात हो गई है और यह सब जेल प्रशासन भी जानता है। ये बात पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस अधिकारी तो दबी जुबां में यह तक बोल रहे हैं कि उनकी हर कार्रवाई को जेल प्रशासन की बदौलत ही पलीता लग रहा है। यदि जेल की सघन चेकिंग हो जाए तब इस बात का खुलासा होना तय है।

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संवेदनशील जेल में जैमर तक नहीं

ssp revealing for gangster use mobile in haridwar jail
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आईपीएस से भी नहीं सुधर रही जेलें
एक समय में जब आईएएस ही जेल महानिरीक्षक होता था तब ये बात उठती रहती थी कि आईपीएस के हाथ में जेल की कमान दे दी जाए। कुख्यात अमित मलिक उर्फ भूरा की फरारी के बाद यह बड़ा परिवर्तन भी हुआ और आईजी जेल की जिम्मेदारी आईएएस से छीनकर आईपीएस आईजी पीवीके प्रसाद को दी गई।

आईजी जेल का कार्यभार संभालने के बाद भी आईजी पीवीके प्रसाद पूरी तरह से जेलों को कंट्रोल नहीं कर पाए। कई हत्याएं जेल में बैठे बैठे ही कुख्यातों ने करवा दी, इसका दावा हर हत्याकांड के खुलासे पर पुलिस ने ही किया। इसलिए आईपीएस को भी जेल की बागडोर सौंपने का कोई खासा फर्क नहीं पड़ा है।

संवेदनशील जेल में जैमर तक नहीं
गजब की बात ये है कि हरिद्वार जैसी संवेदनशील जेल में जैमर तक नहीं है। पहले जैमर लगे थे, रख रखवा न होने के कारण जैमर खराब हो गए। कई वर्ष बीत चुके हैं लेकिन जेल में जैमर नहीं लग पाए हैं। जेल प्रशासन कई बार जैमर न होने की गुहार लगा चुका है।

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