सीएम के खिलाफ झूठ फैलाने वाले का एक और फ्रॉड आया सामने
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मुख्यमंत्री आवास से थैलों में नोट निकलने का भ्रामक प्रचार करने वाले अमित कुमार नेगी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रामक प्रचार का मुकदमा दर्ज होने के बाद नेगी पासपोर्ट में गलत तथ्य देने की जांच में फंस गए हैं। एलआईयू से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। उधर, आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
नेहरू कॉलोनी क्षेत्र के अमित कुमार नेगी ने सोमवार को पुलिस के अलावा कई व्हाट्स एप ग्रुप में भ्रामक संदेश डालकर सरकार से लेकर पुलिस तक को बेचैन कर दिया था। बताया गया था कि मुख्यमंत्री आवास से नोटों से भरे थैले निकल रहे हैं।
पासपोर्ट बनवाने के लिए दिए थे कई गलत तथ्य
प्रतिबंधित नोटों को बदलवाने की जिम्मेदारी सूचना विभाग, होमगार्ड और पुलिस को दी गई है। मामला गरमाया तो रात में ही पुलिस ने संदेश डालने के आरोपी अमित कुमार नेगी को हिरासत में ले लिया गया और भ्रामक प्रचार का मुकदमा दर्ज कर लिया।
इसी बीच जांच पड़ताल में पता चला कि नेगी ने 2002 में पासपोर्ट बनवाया है, जिसमें कई गलत तथ्य दिए गए हैं। इसी आधार पर एलआईयू को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है।
उधर, आरोपी को दोपहर बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य मिले है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।