जरा सी बात पर बदमाशों ने दुकानदार पर कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग, पूर्व कांग्रेस नेता समेत तीन गिरफ्तार
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सिगरेट के पैसे मांगने पर असलहाधारी बदमाशों ने रविवार देर रात रोडवेज के पास दो चक्रों में फायरिंग कर दहशत फैला दी। दुकानदार ने किसी तरह अपनी जान बचाई। इससे दहशत फैल गई। पुलिस ने मौके से .22 बोर के कारतूस का खोल बरामद किया है।
इस मामले में पुलिस ने पूर्व कांग्रेस नेता और राठी गैंग के एक सदस्य सहित तीन लोगों को असलहे के साथ गिरफ्तार कर लिया। राठी गैंग का सदस्य रुड़की में डिप्टी जेलर की हत्या के मामले में चार महीने पहले ही जमानत पर छूटा है।
आजादनगर निवासी मेहताब अंसारी (35) की रोडवेज के पास पान और बीड़ी-सिगरेट की दुकान है। शनिवार रात दो बजे वहां स्विफ्ट कार (यूके 04 वी1014) आई। उससे तीन लोग उतरे। पुलिस के अनुसार उनमें एक कांग्रेस नेता संजय सोनकर भी था।
उन्होंने मेहताब से गोल्ड फ्लैक सिगरेट की डिब्बी मांगी। मेहताब के अनुसार सौ रुपये मांगे तो संजय सोनकर को गुस्सा आ गया। आरोप है कि संजय ने तमंचा निकालकर धमकाना शुरू कर दिया। वह कुछ समझ पाता कि उसने गोली चला दी।
मेहताब ने नीचे झुककर जान बचाई। गोली दुकान के शीशे को तोड़ती हुई अंदर चली गई। गोली चलने से दहशत फैल गई। चूंकि सड़क सुनसान थी इसका फायदा उठाकर कार सवार तीनों इत्मीनान से वहां से चले गए।
राठी गैंग के शूटर से कांग्रेस नेता की जेल में हुई दोस्ती
सूचना मिलने पर कोतवाल केआर पांडे, चौकी प्रभारी नंदन सिंह रावत और बनभूलपुरा पुलिस वहां पहुंच गई। मौके से खोल मिला। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पता चला कि बदमाशों ने त्रिलोक पेट्रोल पंप के सामने भी गोली चलाई थी। पुलिस ने कार के नंबर के आधार पर वायरलेस से सूचना प्रसारित की।
बरेली रोड पर महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के पास कार पकड़ ली गई। कार में गांधीनगर निवासी कांग्रेस नेता संजय सोनकर, चालक बिठौरिया नंबर एक निवासी कुणाल बिष्ट को तमंचे के साथ पकड़ लिया गया। उनसे पूछताछ के आधार पर एक व्यक्ति को मंडी बाइपास से तमंचे के साथ पकड़ लिया। उसकी पहचान राठी गैंग के शूटर सहदेव ठाकुर के रूप में हुई।
सहदेव मेरठ जिले के सिसौर ली मुठाली का रहने वाला है। उसके खिलाफ रुड़की के डिप्टी जेलर खंपा की 2011 में हत्या का आरोप है। चार महीने पहले ही सहदेव जमानत पर नैनीताल जेल से छूटा है। सहदेव के खिलाफ एक और हत्या का मामला प्रकाश में आया है। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल, कोतवाल केआर पांडे, काठगोदाम थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी, मंडी चौकी प्रभारी दिनेश नाथ महंत की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
राठी गैंग के शूटर से कांग्रेस नेता की जेल में हुई दोस्ती
राठी गैंग के शूटर सहदेव ठाकुर से संजय सोनकर की दोस्ती नैनीताल जेल में हुई थी। जेल से छूटने के बाद दोनों संपर्क में थे। बड़े नेताओं की सरपरस्ती के चलते संजय का मन बढ़ा हुआ था। पुलिस का कहना है कि संजय की काफी शिकायतें मिल रही थी। गोलीकांड के बाद उसे गिरफ्तार करने का मौका मिला है।
पुलिस के अनुसार गांधीनगर निवासी संजय सोनकर के ताऊ का बेटा बीरू चरस के मामले में नैनीताल जेल में सजा भुगत रहा है। संजय अपने चचेरे भाई से मिलने के लिए नैनीताल जेल जाता था। इस बीच उसकी मुलाकात डिप्टी जेलर हत्याकांड के आरोपी सहदेव ठाकुर से हुई। चूंकि संजय उस समय कांग्रेस में सक्रिय था इसी कारण जेल में आराम से मिलता और अपने लोगों को सुविधा मुहैया कराता था।
जेल से जमानत पर छूटने के बाद सहदेव उसके संपर्क में रहा। कोतवाल के आर पांडे के अनुसार संजय के खिलाफ मारपीट और 25 आर्म्स एक्ट के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का मानना है कि गांधीनगर में संजय के खिलाफ पहले से शिकायतें रही हैं। कुछ मामलों में कांग्रेस के बड़े नेताओं की सरपरस्ती के चलते संजय बच जाता था।
गांधीनगर के लोग संजय से काफी परेशान रहते थे। चर्चा यहां तक थी कि संजय की सरपरस्ती में चरस विक्रेता आबाद रहते थे। बड़े नेताओं के संपर्क में रहने के कारण संजय पर कोई हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटाता था। गिरफ्तारी के बाद अब कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि चुनाव के समय वह दूसरे दल का प्रचार करने लगा था। अब उनका कार्यकर्ता नहीं है।
असलहा देखते ही जान निकल गई थी
दुकानदार मेहताब का कहना था कि बदमाशों ने जैसे ही असलहा निकाला वह घबरा गया। उसके समझ ही नहीं आया ये क्या हो रहा है। गोली उसके सिर के ऊपर से निकल गई इस कारण जान बच गई। जब पुलिस पहुंची तब सांस लौटी। मेहताब के अनुसार उसकी संजय सोनकर से कोई बातचीत भी नहीं हुई थी। पता नहीं उसने क्यों गोली चला दी। सड़क खाली थी इस कारण बदमाश आसानी से भाग गए।
आखिर क्या कर रही थी पुलिस की पिकेट
रोडवेज पर कोतवाली थाने से रात में दो सिपाहियों की एक पिकेट लगाई जाती है। रात में भी सिपाही ड्यूटी पर थे लेकिन गोली चलने पर उन्होंने बदमाशों का पीछा नहीं किया। घटना के कुछ देर बाद सिपाहियों ने वायरलेस सेट से घटना की जानकारी कंट्रोल रूम को दी।