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शेयर ब्रोकर ने भी अस्पताल में तोड़ा दम, रहस्य बनीं तीन मौतें

Thu, 05 Nov 2015 10:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंहनगर)
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रपुर (ऊधमसिंहनगर) Updated Thu, 05 Nov 2015 10:02 PM IST
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share broker died in hospital, three death become mystery.

रुद्रपुर के एक होटल में हुई मां-बेटी की मौत का राज पति के दम तोड़ने के साथ ही और गहरा हो गया। होटल के कमरे में किन परिस्थितियों में मौतें हुई, यह सुलझाना पुलिस के लिए भी आसान नहीं है।

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मंगलवार सुबह नैनीताल रोड स्थित होटल रिवेरा में जागृति विहार कॉलोनी निवासी मृदुला और उसकी बेटी वरन्या का शव मिला था। कमरे में अचेत हालत में मिले पंकज को इलाज के बाद सुशीला तिवारी रेफर कर दिया गया था। पंकज चौहान पुत्र सत्येंद्र चौहान की सुशीला तिवारी अस्पताल में इलाज के दौरान बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई।
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शव को लेने के लिए पंकज का भाई नीरज जागृति विहार मेरठ से आया था। पूछताछ के दौरान नीरज ने बताया कि पंकज घर से गुड़गांव जाने के लिए निकला था, लेकिन यहां उसकी मौत किन हालातों में हुई, पता नहीं। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने पंकज के शव को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया।
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पंकज और मृदुला शेयर ब्रोकर थे। पंकज ने लैपटॉप से परिजनों को भेजे ई मेलों में व्यापार में घाटे और कुछ लोगों पर दबाव डालने की वजह से यह कदम उठाने की बात लिखी थी। शेयर बाजार में पंकज ने खुद का काफी पैसा लगाने के साथ ही परिचितों से भी काफी कर्जा ले लिया था। लेकिन लगातार एक साल से घाटा होने के बावजूद वह पैसा कारोबार में लगाता रहा।

पत्नी-बेटी की मौत के 72 घंटे तक कमरे में क्या करता रहा

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लेनदारों के दबाव और कारोबार के घाटे से दंपति तनाव में था। लेकिन अभी भी यह सवाल जस का तस है कि 72 घंटे पहले मां-बेटी की मौत के बावजूद पंकज का मंगलवार की सुबह जहर गटकना आसानी से गले नहीं उतर रहा है। पूरे प्रकरण में बड़ी साजिश की बू भी नजर आ रही है। आखिर पत्नी और बेटी की मौत के 72 घंटे तक पंकज क्या करता रहा।

अगर पत्नी के साथ मरने की पंकज ने ठानी थी तो फिर वह पीछे क्यों हटा। जब पत्नी और बेटी की मौत 72 घंटे पहले हो गई थी तो 2 नवंबर की रात पंकज ने किसके लिए खाना ऑर्डर किया। अभी तक केवल अनुमान ही था कि व्यापार में घाटे के चलते यह खौफनाक कदम उठाया गया होगा।

पुलिस भी सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में भर्ती पंकज की जुबां खुलने का इंतजार कर रही थी। लेकिन पुलिस का सामना होने से पहले ही पंकज की मौत हो गई, जिसके बाद तीन मौतों का राज और गहरा गया है। एसएसपी केवल खुराना बताते हैं कि सभी चीजें पंकज पर टिकी थीं। अब उसकी भी मौत हो चुकी है। फिलहाल, एक टीम पूरे घटनाक्रम के कारणों का पता लगाने मेरठ भेजी गई है।

दबाव डालने वालों पर कस सकता है शिकंजा

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पंकज के साथ मृदुला ने भी परिचितों को भेजे ई मेल में कुछ लोगों पर दबाव डालने का आरोप लगाया था। उसने परिवार की समाप्ति के लिए इन लोगों को दोषी ठहराया था।

मृदुला ने किसी सोनू भाई को ई मेल में यह लिखा था कि दबाव डालने वालों के नाम उसने लेटर में लिखकर कूरियर से भेजे हैं। पुलिस लेटर में किन लोगों के नाम लिखे हैं, उन पर भी शिकंजा कस सकती है। सीओ बीएस चौहान कहते हैं कि अंदेशा यह है कि जिन लोगों से कर्जा लिया होगा, वही तकादे के लिए दबाव डाले रहे होंगे।

फिलहाल अगर कोई तहरीर देगा तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घटनाक्रम कैसे हुआ, क्या कारण थे, इसकी जांच तो की ही जाएगी।

छह साल से कर रहा था शेयर कारोबार
पंकज छह साल से शेयर बाजार का कारोबार कर रहा था। शेयर बाजार में उतरने से पहले पंकज ने स्कूल में पढ़ाने के साथ ही पार्ट्स का कारोबार भी किया। लेकिन शेयर बाजार में फायदा होने के बाद पूरी तरह कारोबार में अपनी पत्नी के साथ लग गया। पंकज की मृदुला से 13 साल पहले शादी हुई थी।

पंकज के जानकार उसे काम में ही रमा रहने वाले व्यक्ति के रूप में जानते थे। लेकिन ऐसे कौन से ऐसे हालात पैदा हो गए, जिसमें हंसता खेलता परिवार खत्म हो गया, यह सवाल पंकज के परिजनों और करीबियों की जुबां पर है।

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