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दिव्यांग नाबालिग से दुराचार के दोषी को मिली उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 10 May 2016 01:35 AM IST
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जेल में महिला
- फोटो : demo pics
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दिव्यांग बच्ची से दुराचार के दोषी को अदालत ने आजीवन कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट व विशेष न्यायाधीश नीना अग्रवाल की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। मामला वर्ष 2014 का ऋषिकेश थाना क्षेत्र का है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक 21 जून 2014 को ऋषिकेश निवासी रामचंद्र क्षेत्र के एक व्यक्ति की आठ वर्षीय दिव्यांग बच्ची को रोज की तरह खिलाने के लिए साथ ले गया था। काफी देर तक बच्ची नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरू हुई। पता चला कि रामचंद्र उसे अपने घर ले गया था, जहां उसने बच्ची से दुराचार किया।
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सात गवाह हुए पेश
क्षेत्र के लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। अदालत में हुई सुनवाई में रामचंद्र ने कहा कि वह बच्ची को कभी साथ घुमाने नहीं ले गया था। पुलिस उसे जबरन मारपीट कर अपने साथ ले गई। उस पर लगे आरोप झूठे हैं। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर की ओर से आरोप को साबित करने के लिए अदालत में सात गवाह पेश किए गए।
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दोषी ने कम सजा की लगाई गुहार
सजा के प्रश्न पर अदालत में दोषी का पक्ष भी सुना गया। उसने कहा कि उसका परिवार पूरी तरह से उस पर निर्भर है। गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में है। उसे कम से कम सजा दी जाए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने कहा कि दोषी ने दिव्यांग बच्ची के साथ दुराचार किया है, इससे न सिर्फ उसका शारीरिक बल्कि मानसिक शोषण भी हुआ है, उसे अधिकतम सजा दी जाए।