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दोस्तों की बेइज्जती का बदला लेने के लिए कर दी हत्या

Mon, 20 Jun 2016 11:47 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर
ब्यूरो / अमर उजाला, काशीपुर Updated Mon, 20 Jun 2016 11:47 AM IST
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security guard murder in kashipur
- फोटो : concept photo

झगड़े की खुन्नस, खुद और दोस्तों की बेइज्जती का बदला लेने के लिए फैक्ट्री के ठेकेदार ने ही सिक्योरिटी गार्ड रामपाल की हत्या कर शव ठिकाने लगाया था। सबूत मिटाने के लिए उसने अपने साथ काम करने वाले दो नाबालिगों की भी मदद ली थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज हत्या का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया।

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रविवार को काशीपुर के कुंडा थाने में पत्रकार वार्ता में एएससपी कमलेश उपाध्याय ने हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात फ्यूजन फूड प्लांट के सिक्योरिटी गार्ड रामपाल की हत्या कर शव को गद्दे में लपेटकर करीब छह किलोमीटर दूर किलावली गांव के पास प्लांट की कार में ले जाकर झाड़ियों में फेंक दिया था। लेकिन टायर पंचर होने के कारण हत्यारे कार छोड़कर फरार हो गए थे।
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कप्तान के निर्देश पर नौ सदस्यों की टीम ने पड़ताल की तो फैक्ट्री में बिजली के ठेकेदार मनोज निवासी बैक कालोनी थाना मझोला मुरादाबाद की भूमिका संदिग्ध मिली। पुलिस ने मनोज और उसके साथ काम करने वाले दो नाबालिगों से सख्ती से पूछताछ की तो हत्याकांड से पर्दा उठ गया। तीनों आरोपी मिल परिसर में ही रहते हैं।
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एएसपी ने बताया कि मनोज का रामपाल से कई बार झगड़ा हो चुका था। करीब 25 दिन पहले हुए झगड़े में रामपाल की अंगुली टूट गई थी। जिसको लेकर मनोज रामपाल से खुन्नस रखता था। बीते 17 जून को मनोज से मिलने के लिए उसका दोस्त बाबू आया था। लेकिन रामपाल ने उसे फैक्ट्री के भीतर नहीं घुसने दिया और गाली गलौच की।

शोरगुल होने पर फैक्ट्री में जमा भीड़ ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया था। बाबू ने यह बात बताई तो पहले से खुन्नस खाए मनोज का गुस्सा बढ़ गया। शुक्रवार रात मनोज अपने साथी हरिओम के साथ कुंडा चौराहे पर गया और वहां शराब पी। जब वे दोनों फैक्ट्री पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर नहीं आने दिया। जिससे मनोज का गुस्सा और बढ़ गया। इसके बाद दोनों पिछले गेट के गार्ड से गेट खुलवाकर फैक्ट्री में दाखिल हुए, जहां मनोज ने फिर से शराब पी।

करीब ढाई बजे वह गार्ड रुम पहुंचा, वहां सोए रामपाल के सिर पर लोहे की रॉड से प्रहार कर हत्या कर दी। गार्ड रुम में रखी कार की चाबी निकाली और एक गद्दे में शव को बांधकर नवलपुर रोड के पास झाड़ियों में फेंक दिया। कार खराब होने पर वह किसी से लिफ्ट लेकर सीधा फैक्ट्री पहुंच गया। यह घटना को परिसर में मौजूद ट्राला चालक और हेल्परों ने भी देखा था। सीओ जीसी टम्टा ने बताया कि जब कार फंस गई थी तो बुग्गी वाले डुंडा राम, राजू की मदद से मनोज ने निकलवाया था। हत्या में प्रयुक्त खून से सने कपड़ों को जलाकर नष्ट कर दिया था। 

पुलिस टीम को इनाम की बौछार
रामपाल हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को इनाम की बौछार हुई है। डीआईजी पीएस सैलाल ने पांच हजार, एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने ढाई हजार, एएसपी कमलेश उपाध्याय ने डेढ़ हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। एएसपी उपाध्याय ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधकों ने भी टीम को 15 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

टीम में एसओ कुंडा नासिर हुसैन, मंडी चौकी प्रभारी हिमांशु पंत, सूर्या चौकी प्रभारी सुधाकर जोशी, शिवराजपुरपट्टी प्रभारी भुवन चंद्र जोशी, कांस्टेबल प्रमोद कुमार, त्रिलोक पांडे, राजेंद्र सिंह, कृष्णा नेगी, बलवंत सिंह शामिल रहे।

हत्या में प्रयुक्त रॉड बरामद
सीओ जीसी टम्टा ने बताया कि हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड को फैक्ट्री परिसर से बरामद कर लिया गया था। जिस गद्दे में शव लपेटा हुआ था, वो भी मनोज का था। उसके साथ रहने वालों ने इसकी तस्दीक की है। उन्होंने बताया कि मनोज के खिलाफ मुरादाबाद जिले में जानलेवा हमले का मुकदमा भी दर्ज है।

फर्श साफ करने में फंसे नाबालिग
सीओ टम्टा ने बताया कि मनोज के साथ दो नाबालिग आरोपी पकड़े गए हैं, वो उसी के साथ काम करते थे। मनोज ने रामपाल की हत्या करने के बाद दोनों नाबालिगों से अपने कमरे से रजाई और रस्सियां मंगवाई थीं। दोनों को डरा धमकाकर फर्श की सफाई करवाने के साथ ही शव को कार में रखवाया था।

लॉकर की चाबी कैसे मनोज तक पहुंची, नहीं बता पाई पुलिस
पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड की हत्या का खुलासा तो कर दिया, लेकिन यह नहीं बता पाई कि मनोज तक लॉकर में रखी कार की चाबी कैसे पहुंच गई। कार चालक ने पुलिस को बताया था कि कार प्लांट में खड़ी करने के बाद उसने चाबी को कार्यालय में स्थित लॉकर में रख दिया था। पुलिस जब पूछताछ कर रही थी तो लॉकर की चाबी भी नहीं मिल पा रही थी। 

तो किसकी थी घटनास्थल पर मिली चप्पल
मृतक के परिजनों ने थाने में दर्ज रिपोर्ट में सीधे मनोज को नामजद किया था। इसका आधार पूर्व में रामपाल से उसका झगड़ा होना था। लेकिन नवलपुर मार्ग में जब शव की पहचान करने मृतक का पुत्र सुनील आया था तो उसने पुलिस और लोगों के साथ शव के पास मिली एक चप्पल को टीला गांव के एक व्यक्ति की बताई थी।


यह भी कहा था कि इसी व्यक्ति और साथी का एक दिन पहले पिता से झगड़ा हुआ था। इसी के चलते पुलिस दोनों की भी तलाश कर रही थी। अब जब खुलासा हुआ तो इतना भर कहा गया कि टीला गांव का एक व्यक्ति मनोज से मिलने आए थे। लेकिन गार्ड रामपाल ने उसको अंदर नहीं जाने दिया। सवाल खड़ा हो रहा है कि घटनास्थल पर यह चप्पल आखिर कहां से आई थी। इसका कोई स्पष्ट जवाब पुलिस के पास नहीं था।

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