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दशहरे पर शर्मनाक घटना, मंदिर आए दलितों को पीटा

Fri, 23 Oct 2015 09:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर (देहरादून)
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर (देहरादून) Updated Fri, 23 Oct 2015 09:01 AM IST
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scheduled cast people beaten in temple.

देहरादून के कालसी तहसील के लक्सियार गांव में दशहरे के अवसर पर देव दर्शन के दौरान विवाद हो गया। दलित वर्ग के देव मालियों ने क्षेत्र के कुछ लोगों पर दलितों से मारपीट का आरोप लगाया है। साथ ही महिलाओं के साथ अभद्रता करने का आरोप लगाया।

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देव मालियों ने कालसी थाना पहुंच कर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तहरीर में देव मालियों ने कहा कि दशहरा पर्व के मौके पर बृहस्पतिवार को वे लक्सियार स्थित महासू मंदिर गए थे।
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देवमाली बबली पुत्री खेंतू निवासी कैनोटा का कहना है कि उस पर देवी अवतरित होती हैं जबकि दिनेश पुत्र शांति प्रकाश निवासी कैनोटा पर शिव अवरित होते हैं। इसी तरह ताराचंद पुत्र फागुनिया निवासी सिंगोटा पर हनुमान आते हैं। तीनों दलित वर्ग से संबंध रखते हैं।

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गुस्साए दलितों ने थाने में किया जमकर हंगामा

scheduled cast people beaten in temple.

देव म‌ालियों ने बताया कि वे मंदिर परिसर में खड़े थे। इस दौरान लक्सियार गांव निवासी दो लोग वहां आए। उन्होंने देव छड़ी से उन पर हमला बोल दिया। महिला देव माली बबली के सिर पर भी वार कर दिया। उसके बाल भी खींचे। हमले में तीनों को चोटें आई हैं। दलित समुदाय के लोगों ने पीड़ितों का सीएचसी विकासनगर में मेडिकल कराया।

विरोध में लोगों ने जन आंदोलन संस्था के राष्ट्रीय समन्वयक जबर सिंह की अगुवाई में कालसी थाने में जमकर हंगामा किया और दो लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी।

थानाध्यक्ष हरिओम राज चौहान ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं।

किसी तरह शांत हुआ एक मामला, दूसरा आया सामने

scheduled cast people beaten in temple.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में चकराता विकासखंड के गबेला गांव स्थित कुकुर्शी देवता के मंदिर में दलितों के देव दर्शन के दौरान भी विवाद हो गया था। देवता का आदेश बताकर जौनसार बावर परिवर्तन यात्रा में शामिल दलितों को देव मालियों ने मंदिर में प्रवेश से रोक दिया था।

विवाद बढ़ने पर जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंदिर में प्रवेश नहीं करने देने पर दलितों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। मामला तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्चाधिकारियों ने गबेला पहुंच कर दलितों को दर्शन कराए थे। इस दौरान वहां भारी पुलिस बल तैनात था।

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