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महिला बंदी रक्षक की टिप्पणी पर भड़की रूबी
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 17 Apr 2015 02:10 PM IST
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फर्जी आईएएस कहने पर रूबी चौधरी सुद्दोवाला की महिला कारागार में बंदी रक्षक पर भड़क गई।
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रूबी के विरोध जताने पर बैरक में गरमागरमी का माहौल बन गया। लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में फर्जी तरीके से रहने की आरोपी रूबी के वकील ने टिप्पणी करने वाली महिला बंदी रक्षक के खिलाफ जेल में शिकायत की है।
रूबी चौधरी गुरुवार सुबह जेल में थी। आरोप है कि इसी दौरान एक महिला बंदी रक्षक ने रूबी के सामने उसे फर्जी आईएएस बताते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। सूत्रों का कहना है कि बंदी रक्षक द्वारा कहा गया कि लो आ गई फर्जी आईएएस।
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रूबी ने इस टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया। इसी बात पर रूबी और महिला बंदी रक्षक के बीच नोक-झोंक हुई। महिला वार्डन ने बीच बचाव किया। तीसरे पहर जेल पहुंचे रूबी के वकील राजीव रतूड़ी से रूबी ने महिला बंदी रक्षक की शिकायत की। रतूड़ी ने बताया कि जेलर को महिला बंदी रक्षक के खिलाफ शिकायत दी गई है।
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यह सीधे तौर पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला है। यदि आरोपी महिला बंदी रक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई जाएगी। जेल प्रशासन का कहना है कि यदि कोई शिकायत मिलेगी तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
रूबी को है बुखार
जेल में रूबी चौधरी बुखार से पीड़ित है। बुधवार रात से उसकी तबीयत ठीक नहीं है। उसके वकील राजीव रतूड़ी ने बताया कि तनाव और मौसम में बदलाव की वजह से रूबी को बुखार की शिकायत है। कारागार चिकित्सक ने चेकअप के बाद दवा दी है।
CBI कर सकती है मामले की जांच
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में करीब छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रहने के मामले में आरोपी रूबी चौधरी के मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान के बाद मामला सीबीआई के सुपुर्द किया जा सकता है। कानून के जानकारों के मुताबिक, यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और अब जांच का दायरा बढ़ने से यह प्रकरण सीबीआई को सौंपा जा सकता है।
कानून के जानकारों का कहना है कि इस मामले में यदि केंद्रीय मंत्रालय से जुड़े कर्मचारियों के नाम सामने आए या रूबी एवं अन्य अधिकारियों द्वारा लाल बहादुर शास्त्री अकादमी को वित्तीय नुकसान पहुंचाने या फिर रिश्वत लेने की बात सामने आई तो मामला सीधे सीबीआई को चला जाएगा।
एक शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक, यदि केंद्र सरकार के किसी संस्थान में किसी तरह की वित्तीय अनियमितता का प्रकरण आया तो जांच सीधे सीबीआई को चली जाती है। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी बताते हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस प्रकरण में 164 के बयान के बाद केंद्र सरकार जांच के आदेश कर सकती है।
वहीं, सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है मामला अभी सीबीआई को सुपुर्द नहीं हुआ है। राज्य सरकार के अनुरोध पर इसे सीबीआई को सौंपा जा सकता है।
इन मामलों में हो सकती है सीबीआई जांच
कानून के जानकारों का कहना है कि सुप्रीम एवं हाईकोर्ट के आदेश, राज्य सरकार के केंद्र को अनुरोध या फिर केंद्र सरकार के अधीन किसी संस्थान में वित्तीय नुकसान व रिश्वत के प्रकरण की सीबीआई जांच हो सकती है।
सोमवार को दाखिल होगी रूबी की जमानत याचिका
रूबी के अधिवक्ता राजीव रतूड़ी ने बताया कि रूबी की जमानत की याचिका सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की जाएगी। उसकी जमानत के लिए प्रार्थना पत्र तैयार कर कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।