'घर' की रिपोर्ट में खुले फर्जी IAS रूबी के काले कारनामे
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एलबीएस अकादमी में फर्जी आईएएस बनकर रहने वाली रूबी की जिंदगी के पन्ने भी काफी स्याह सफेद हैं। इस संबंध में मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन ने आईएएस अकादमी को जो रिपोर्ट भेजी है उसमें कई चौंकाने वाली बातें हैं।
लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में फर्जी आईएएस बनकर रहने से पहले भी रूबी चौधरी के नाम कई कारनामे दर्ज हैं। काफी समय से वह खुद को आईएएस अधिकारी बताती रही है।
मुजफ्फरनगर पुलिस-प्रशासन की संयुक्त रिपोर्ट में रूबी के पिता सत्यवीर और भाई मोहित के अलावा रूबी द्वारा पुलिस को दिए बयानों का उल्लेख है। रूबी ने उत्तराखंड पब्लिक सर्विसेज में दसवीं रैंक पाने का दावा किया है।
15 जनवरी से 15 मार्च तक नैनीताल अकादमी में प्रशिक्षण की बात कही है। कहा गया है कि चोट लगने के कारण वह नैनीताल अकादमी के डायरेक्टर को इस्तीफा देकर आ गई थी।
परिजनों की मर्जी के बगैर चाचा ने कराई शादी
जनवरी, फरवरी और मार्च में रूबी एलबीएस अकादमी गई। वहां उसे वस्त्र मंत्रालय की रिपोर्ट बनाने के लिए रखा गया। पुलिस का कहना है कि अकादमी में इस तरह का काम नहीं होता है। रिपोर्ट में परिजनों के हवाले से बताया कि 2014 में रूबी ने आईएएस में चयन होने का ड्रामा रचा।
आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के कारण परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से किराए पर कार लाकर उसे अकादमी के लिए भेजा था। इसके अलावा कई चौंकाने वाले तथ्य रिपोर्ट में दिए गए हैं। अब रूबी ने आईएएस अकादमी के डिप्टी डायरेक्टर पर नौकरी का झांसा देकर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
मुजफ्फरनगर के पुलिस प्रशासन की गोपनीय रिपोर्ट में कहा गया है कि रूबी की शादी तीन माह पहले उसके परिजनों की मर्जी के बिना यूपी विभाग में दारोगा एवं चाचा द्वारा भट्टा पारसौल के एक प्रापर्टी डीलर के साथ की गई।