डेढ़ साल की बच्ची से रेप के बाद की थी हत्या, कब्र से शव निकालकर हुई जांच तो दोषी को मिली ये सजा
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कब्र से शव को निकालकर जांच कराई गई तो पूरा मामला खुला। डेढ़ वर्ष की अबोध बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के दोषी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मृतका के परिवार को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए हैं।
पुलिस के मुताबिक भिलंगना ब्लाक की एक महिला पहले पति को छोड़ने के बाद यूसुफ उर्फ सोनू निवासी नूरपुर तहसील चांदपुर जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के साथ पत्नी बनकर रह रही थी।
उसके पहले पति से जन्मे बच्चे भी उसके साथ रह रहे थे। इसी बीच 11 मार्च 2016 को महिला ने राजस्व पुलिस को सूचना दी कि पांच मार्च की रात को उसकी डेढ़ वर्षीय बच्ची को यूसुफ (उसका दूसरा पति) ने अपने साथ सुला दिया था।
अगले दिन सुबह उसने उठकर देखा तो बच्ची मृत पड़ी थी। उसने बच्ची की हत्या की आशंका जताते हुए अपने पिता को बुलाया। इस बीच आस-पास के लोगों ने इसे स्वाभाविक मौत मानते हुए बच्ची के शव को दफना दिया।
महिला ने राजस्व पुलिस में बच्ची की बलात्कार के हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। स्थानीय लोगों के दबाव में बच्ची के शव को गड्ढे से निकालकर पोस्टमार्टम कराया गया। इस बीच आरोपी यूसुफ को भी राजस्व पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
विवेचना अधिकारी ने आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक चंद्रवीर सिंह नेगी ने मामले में 13 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने इसे जघन्यतम अपराध मानते हुए अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई।