पढ़िए, यौन शोषण के आरोपी नेता सांगवान की कहानी...
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यौन शोषण के आरोपी हरियाणा के नेता प्रदीप सांगवान आखिर सलाखों के पीछे पहुंच गया। सोमवार को अदालत में सरेंडर करने के बाद उसने जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया, जो खारिज कर दिया गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि सांगवान को झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं अभियोजन की वकील अल्पना थापा और कुसुम ने कहा कि मामला सत्र न्यायालय में विचाराधीन है।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अपराध संज्ञेय और गैर जमानती प्रकृति का है। इसके बाद सांगवान को 23 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया। प्रदीप सांगवान सोनीपत के पूर्व सांसद का बेटा है।
18 अप्रैल 2014 को बिजनौर (उत्तर प्रदेश) निवासी युवती ने सांगवान पर दुराचार और अश्लील क्लिपिंग बनाने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि युवती को मसूरी ले जाकर दुराचार किया गया। आरोप लगाने वाली युवती सांगवान के सहस्त्रधारा स्थित वाटर पार्क ज्वायलैंड में कर्मचारी थी।
तीन माह तक बचता रहा
मुकदमा दर्ज होने के बाद कोर्ट ने सांगवान के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन सांगवान फरार हो गया। युवती के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज होने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। पुलिस ने सांगवान के घर की कुर्की भी की।
इस बीच सांगवान सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और वहां से गिरफ्तारी पर रोक हासिल कर ली। कोर्ट ने 15 जुलाई तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। इसके बाद पांच जुलाई को सांगवान दून पहुंचा और निचली अदालत में जमानत याचिका दायर की।
अदालत ने साफ किया कि सरेंडर किए बिना जमानत नहीं मिलेगी। इस पर सांगवान ने नौ जुलाई को सेशन कोर्ट में याचिका की, लेकिन फिर सरेंडर करने का आदेश मिला। आखिर सोमवार को उसने सरेंडर कर दिया।
कारिंदे भी घुस गए हवालात में
सांगवान के साथ उसके कुछ कारिंदे भी दून पहुंचे थे। ये लोग पूरे समय सांगवान के साथ बने रहे। सुनवाई के दौरान भी वे अदालत के भीतर थे। पुलिस सांगवान को हवालात ले जाने लगी तो ये कारिंदे भी हवालात में घुस गए।
पुलिस ने मना किया तो वे जवानों से नोकझोंक करने लगे। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली और उन्हें वहां से खदेड़ दिया। इस दौरान सांगवान ने मीडियाकर्मियों से बात करने से इनकार कर दिया। उसके समर्थकों का कहना था कि सिर्फ दो दिन की बात है, सांगवान फिर बाहर आ जाएगा।
कब क्या हुआ?
सुबह 10:00 बजे: दून कचहरी परिसर में सुबह ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। मीडियाकर्मी, पुलिस वाले और वकील जमा थे। सांगवान के सरेंडर के लिए कभी भी पहुंचने की सूचना थी।
दोपहर 12:30 बजे: जानकारी मिली कि सांगवान न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में सरेंडर करेगा। इसके साथ ही वह जमानत याचिका भी दाखिल करेगा।
दोपहर 01:00 बजे: सांगवान की ओर से उसके अधिवक्ता ने सरेंडर और जमानत के लिए प्रार्थना पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया।
दोपहर 02:05 बजे: प्रदीप सांगवान अदालत में पहुंचा और कठघरे के बाहर खड़ा हो गया। अदालत खचाखच भर गई।
दोपहर 02:35 बजे: अदालत ने सरेंडर संबंधी कागजात देख लिए थे। कोर्ट मोहर्रिर प्रियंका ने सांगवान को आवाज देकर कठघरे में खड़ा होने के लिए कहा। सांगवान वहां चला गया। अदालती कार्यवाही चलती रही।
दोपहर 03:00 बजे: जमानत याचिका पर दोनों पक्षों में बहस शुरू हुई। बचाव पक्ष ने याचिका मंजूर करने के लिए कई तर्क दिए, लेकिन अभियोजन पक्ष मजबूत पड़ता रहा।
दोपहर 04:00 बजे: दोनों पक्षों की पूरी बात सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया। सांगवान को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।
शाम 04:30 बजे: सांगवान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और कोर्ट परिसर में बनाई गई हवालात में बंद कर दिया।
शाम 05:00 बजे: कोर्ट में पेशी के लिए आए सभी बंदियों को साथ करने के बाद पुलिस सांगवान को लेकर सुद्धोवाला जेल के लिए रवाना हो गई।
इन धाराओं में दर्ज है केस
376(2): दुराचार
323: मारपीट
504: जान से मारने की धमकी
509: महिला को अपमानित करने के लिए दुष्प्रेरण
201: साक्ष्य छिपाना
67 आईटी एक्ट: अश्लील वीडियो क्लिपिंग बनाना
‘जेल में न हो दुर्व्यवहार’
अदालत ने सांगवान की याचिका खारिज करने के साथ ही सुद्धोवाला जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि जेल में न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान सांगवान के साथ शारीरिक दुर्व्यवहार न होने दिया जाए।
अमर उजाला के खुलासे पर खुली डील
यौन शोषण के आरोपी प्रदीप सांगवान की पीड़ित युवती के बयान बदलने की कोशिशों का खुलासा अमर उजाला ने ही किया था।
दरअसल, दो मई 2014 को युवती ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की अदालत में दिए प्रार्थनापत्र में अपने मजिस्ट्रेटी बयान दोबारा दर्ज कराने का अनुरोध किया था। युवती का कहना था कि वह पूरे होशोहवास और बिना किसी दबाव में फिर से बयान देना चाहती है। सूत्रों का कहना था कि इसके पीछे कोई खेल है।
अमर उजाला ने तीन मई के अंक में युवती के प्रार्थनापत्र देने का खुलासा करते हुए खबर छापी तो पुलिस हरकत में आई। जांच शुरू हुई तो साफ हो गया कि सांगवान और उसके साले अजय मान ने युवती से बयान बदलवाने के लिए डील कर ली थी।
युवती को दून में 36 लाख का मकान और 10 लाख रुपये नकद दिए गए थे। इसके बाद युवती, ऊधमसिंह नगर निवासी सईद चौधरी और दिल्ली निवासी अजय के खिलाफ केस किया गया। युवती और सईद जेल में हैं, जबकि अजय फरार। अजय के घर की कुर्की की जा चुकी है।
(नोटः इस खबर से संबंधित किसी भी सुझाव या सवाल के लिए मेल आईडी-rakeshk@mrt.amarujala.com और इस नंबर-9675501486 पर संपर्क कर सकते हैं।)