अश्लील क्लिप बनाने वाले कांग्रेसी नेता को मिली राहत
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यौन शोषण के आरोपी सोनीपत के पूर्व सांसद के पुत्र और कांग्रेसी नेता प्रदीप सांगवान की गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।
पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के एक माह बाद भी सांगवान को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। सांगवान ने अरेस्टिंग स्टे के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी थी, जो खारिज हो गई थी। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था।
बिजनौर निवासी युवती ने सहस्त्रधारा स्थित वाटर पार्क जॉयलैंड के मालिक प्रदीप सांगवान पर यौन शोषण और अश्लील क्लिपिंग बनाने का आरोप लगाया था।
सांगवान को कर दिया था भगौड़ा घोषित
18 अप्रैल को राजपुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद से पुलिस सांगवान को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
अदालत ने आरोपी को भगौड़ा घोषित कर कुर्की का आदेश जारी कर दिया था। पुलिस ने सांगवान पर 2500 का इनाम भी घोषित किया था, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पुलिस को बड़ा झटका लगा है। सांगवान के अधिवक्ता राकेश चाहर ने स्टे मिलने की पुष्टि की।
जेल में बंद है युवती
मामले में दो मई को आरोप लगाने वाली युवती ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दोबारा बयान दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जो खारिज हो गया।
इस बीच पता चला कि युवती ने सांगवान से डील की है, जिसके तहत सांगवान ने उसे दून में मकान दिलाया है।
पुलिस जांच के बाद युवती को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। युवती अभी जेल में है।