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दलाली के दलदल में गई युद्घवीर की जान

Tue, 13 Aug 2013 06:07 PM IST
देहरादून/मनमीत रावत
देहरादून/मनमीत रावत Updated Tue, 13 Aug 2013 06:07 PM IST
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police solved yudhveer murder case

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व पीआरओ युद्घवीर सिंह रावत की हत्या की मुख्य आरोपित सुधा पटवाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सुधा ने यह हत्या मेरठ के एक पुराने परिचित व उसके साथी के साथ मिलकर की।

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अन्य दोनों आरोपित अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। महिला को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस पूछताछ में सुधा पटवाल ने बताया कि वह और युद्घवीर एमबीबीएस और इंजीनियरिंग की सीटों में दलाली का रुपया लेकर एडमिशन कराते रहे हैं।
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एडमिशन के एवज में लिए 14 लाख
ऐसे ही एक मामले में पावंटा साहिब के एक व्यक्ति ने युद्घवीर को दो एडमिशन कराने को कहा। युद्घवीर ने दाखिले के लिए सुधा से संपर्क किया। सुधा ने उससे पावंटा साहिब से आए व्यक्ति से 14 लाख रुपये अग्रिम लेने को कहा।

युद्घवीर ने उससे 14 लाख रुपये लिए और 25 जून को सुधा को दे दिए। लेकिन सुधा एडमिशन नहीं करा पाई और उससे रुपये भी खर्च हो गए। जब बहुत दिनों बाद तक एडमिशन नहीं हुआ तो पावंटा साहिब के व्यक्ति ने युद्घवीर को रुपये वापस करने कहा।

पैसे वापस मांगने पड़े भारी
युद्घवीर ने सुधा से रुपये वापस मांगे। लेकिन तब तक वह लगभग पूरे 14 लाख रुपये खर्च कर चुकी थी। उधर, पावंटा साहिब वाले व्यक्ति ने युद्घवीर पर जबरदस्त दबाव बनाया हुआ था। जिस कारण युद्घवीर ने सुधा से दो टूक कहा कि वह रुपये वापस कर दे।

आठ अगस्त की सुबह पावंटा से वही व्यक्ति युद्घवीर के यमुना कालोनी स्थित आवास में आया और कहा कि जब तक रुपये नहीं मिलेंगे वह उसके घर से नहीं जाएगा। इस पर युद्घवीर ने सुधा को फोन किया और रुपये मांगे।

सुधा और युद्घवीर पंहुचे आंनद मयी आश्रम
सुधा ने उसे रुपये देने के लिए हामी भरी और उसे गांधी पार्क में बुलाया। युद्घवीर गांधी पार्क पहुंचा। वहां वह इंतजार कर ही रहा था कि उसके फोन पर सुधा का काल आया कि वह पटेलनगर स्थित गुरुद्वारा के बाहर आ जाए।

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युद्घवीर वहां गया तो सुधा ने उसे अपनी स्कूटी में पीछे बैठने को कहा और बताया कि उसके कोई रिश्तेदार आनंद मयी आश्रम के निकट रहते हैं और वहीं चल कर रुपये लेने होंगे। युद्घवीर उसके साथ स्कूटी में बैठ गया।

सुधा और उसके साथियों ने की हत्या
युद्घवीर ने अपने दोस्त और हरक सिंह रावत के पीएसओ प्रदीप चौहान को फोन किया और कहा कि वह एक बेग लेकर राजपुर रोड पर आ जाए। उधर, युद्घवीर और सुधा राजपुर रोड पर पहुंचे।


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इतने में एक स्कॉर्पियो आई। उससे दो व्यक्ति उतरे और सुधा व दोनों व्यक्तियों ने मिलकर युद्घवीर की हत्या कर दी। सुधा ने पुलिस को यह भी बताया कि स्कॉर्पियों से आया व्यक्ति उसका मेरठ का पुराना परिचित हरिओम वरिष्ठ था।

हत्या के एवज में देने थे रुपये
सुधा ने हरिओम को हत्या करने के एवज में 14 लाख में से कुछ रकम देने की बात की थी। उसके बाद हरिओम अपने साथ एक अन्य बदमाश को लेकर दून आया था। यहां दून में हत्या करने से पहले कुछ दिन त्यागी रोड पर स्थित एक होटल में रहा।

राजपुर पुलिस व एसओजी होंगे सम्मानित
एसएसपी केवल खुराना ने बताया अभी हरिओम और वह व्यक्ति पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं। वहीं उन्होंने पूरे मामले को कुछ ही दिनों में खुलासा करने के लिए राजपुर पुलिस व एसओजी को ढाई हजार रुपये बतौर पुरस्कार व डीआईजी अमित सिंह ने पांच हजार रुपये देने की घोषणा की।

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