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हरिद्वार के तिहरे हत्याकांड ने पुलिस को उलझाया

Tue, 14 Jun 2016 04:54 PM IST
कुणाल दरगन / अमर उजाला, हरिद्वार
कुणाल दरगन / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 14 Jun 2016 04:54 PM IST
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police inspected triple murder in haridwar
triple murder in haridwar - फोटो : amar ujala

अलग अलग परिवार से ताल्लुक रखने के कारण तिहरे हत्याकांड की गुत्थी आसानी से सुलझती नहीं दिखाई दे रही है।

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पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कोई अलग-अलग परिवार से ताल्लुक रखने वालों की हत्या क्यों कर सकता है। सवाल यह भी है कि कोई राज छिपाने के चक्कर में ही किसी की तो बलि ली ही गई हैं।

एक चौकाने वाली बात ये निकलकर आई है कि, मृतका क्रांति देवी अपने बेटे मनोज के साथ ही लोधामंडी में ही रह रही थी। वो शीला के साथ जंगल में लकड़ी चुगने जाती थी। रामआसरे से किसी परिवार का कोई ताल्लुक नहीं है।
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न ही कभी किसी ने उसे शीला या क्रांति से बात करते देखा। इसलिए, ये बात पुलिस को परेशान किए हुए है कि आखिर रामआसरे जंगल में क्या करने गया था। पुलिस अब घटनास्थल से लेकर लोधामंडी तक कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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‘अपनों’ के इर्द गिर्द घूम रही सुई
पुलिस की जांच की सुई महिलाओं के ‘अपनो’ के इर्द गिर्द घूम रही हैं। पुलिस हर पहलू के साथ-साथ अब संपत्ति के प्वाइंट को भी कुरेदने में जुट गई है। रामआसरे से जुड़ा कोई पहलू अभी तक पुलिस के सामने आया ही नहीं है। क्योंकि उसका कोई अपना यहां नहीं है न ही उसकी संपत्ति यहां है। हां, शीला एवं क्रांति के परिवार यही रहते हैं।

बुजुर्ग क्रांति देवी के तीन बेटे हैं और उसके नाम लाल मंदिर कालोनी में संपत्ति भी है। बुजुर्ग के अपने दो बेटों से संबंध मधुर नहीं थे। एक बेटे से उसकी अच्छी पटती थी। पुलिस पड़ताल में ये भी निकलकर आया है कि, क्रांति देवी अपनी संपत्ति को बेचने की फिराक में भी थी।

उधर, शीला का पति सेवाराम पेशे से दिहाड़ी मजदूर हैं पर उसकी अपनी पहली पत्नी शीला से कोई खटपट अभी तक सामने नहीं आई है। हरिद्वार पुलिस की निगाह महिलाओं के परिजन एवं उनसे जुड़े लोगों पर भी है।


सौतन को मानती थी छोटी बहन
शीला ने अपनी मर्जी से हंसी खुशी ही सेवाराम की दूसरी शादी कराई थी। वो अपनी सौतन को अपनी छोटी बहन ही मानती थी। वो कई बार पूर्व में चौकी पर भी गई है। चौकी के सिपाही उसे भली भांति पहचानते भी थे क्योंकि वो सत्यापन के मसले में अक्सर चौकी आया जाया करती थी।

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