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पुलिस की नाक के नीचे से कातिल फरार

Mon, 16 Sep 2013 10:54 AM IST
अमर उजाला, मनीष भट्ट, देहरादून
अमर उजाला, मनीष भट्ट, देहरादून Updated Mon, 16 Sep 2013 10:54 AM IST
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Police can not workout cases

देहरादून में एक के बाद हो रही हत्याओं ने शहरवासियों को हिलाकर रख दिया है। पहले राजेश शर्मा की हत्या, फिर चार दिन बाद नीरू सैनी का दिनदहाड़े कत्ल और इसके बाद मसूरी में एक छात्र की संदिग्ध मौत। इन सभी मामलों में अभी तक पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पाई है।

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इससे पहले हुए युद्धवीर हत्याकांड का भी पुलिस ठीक से पटाक्षेप नहीं कर पाई है। एसएसपी, दो एसपी, चार सीओ और शहर के विभिन्न थानों की पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन उन्हें कोई सफलता नहीं मिल रही है।
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हत्यारों को पकड़ना तो दूर पुलिस हत्याओं की वजह की गुत्थियां तक सुलझा नहीं सकी है। ऐसे में शहर की सुरक्षा के पुलिस के दावों पर सवालिया निशान लगने लगे हैं।
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राजेश शर्मा हत्याकांड

सात सितंबर को पूर्व जिला होम्योपैथी अधिकारी डॉ. जेपी शर्मा की पत्नी राजेश शर्मा (70) की हत्या में पुलिस आठ दिन बाद भी खाली हाथ है। जांच के नाम पर अब तक अलग-अलग एंगल पर ही भटक रही है।

पढ़ें, राजेश शर्मा हत्याकांडः पुलिस को मिले अहम सुराग

पहले घटना के पीछे संपत्ति विवाद की लाइन पर पुलिस ने जांच बढ़ाई। इसके बाद पारिवारिक विवाद की बात कही गई। फिर किसी से पुरानी रंजिश पर जांच बढ़ी जो अब लूट के इरादे से हत्या पर जा पहुंची है।

नीरू हत्याकांड
दस सितंबर को तेगबहादुर रोड जैसे पॉश एरिया में स्थित एक मकान में किरायेदार ठेकेदार सतेंद्र सैनी की पत्नी नीरू सैनी (40) को बदमाशों ने धारदार हथियारों से मार डाला।

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दिनदहाड़े हुई वारदात को पांच दिन बीत चुके हैं। लेकिन हत्यारों की धरपकड़ के नाम पर पुलिस अंधेरे में हाथ-पैर मार रही है। बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर में खाक छानने के बावजूद पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा है।

युद्धवीर हत्याकांड
कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के पूर्व पीए युद्धवीर सिंह रावत की पिछले महीने बदमाशों ने हत्या कर दी थी। शव शहर के सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र मसूरी डायवर्जन में सड़क किनारे फेंक दिया गया था।

पुलिस मुख्य आरोपी सुधा पटवाल समेत हत्यारोपियों की गिरफ्तारी का दावा तो कर रही है, लेकिन हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी न होने से जांच पर सवाल उठने लगे हैं। यही वजह है कि मामले में सीबीआई जांच की मांग की जा रही है।


निशांत की मौत पर सवाल
मसूरी के मानवी भारती इंटरनेशनल स्कूल में मेरठ के स्वास्थ्य अधिकारी के बेटे निशांत की मौत को पुलिस और स्कूल प्रबंधन खुदकुशी बताते रहे। लेकिन मेरठ में हुए शव के दूसरे पोस्टमार्टम में साफ हो गया कि किसी ने उसे बुरी तरह से पीटा था, जिसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठाया।

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जबकि स्थानीय पुलिस यही कहती रही कि पोस्टमार्टम में फांसी से मौत की बात सामने आई है। मामले में दोषी तो पकड़ से बाहर हैं ही, पुलिस जांच भी शुरू नहीं कर सकी है।

अधिकतर घटनाओं का खुलासा किया गया है। हाल ही में हुई दो महिलाओं की हत्या के खुलासे में पुलिस की कई टीमें काम कर रही हैं। इनका जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। इसके अलावा अपराधों पर अंकुश के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है।
- केवल खुराना, एसएसपी

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