वाहन चोरों का गैंग गिरफ्तार, 22 बाइकें बरामद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगनहर पुलिस ने वाहन चोरों के एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर चोरी की 22 बाइक बरामद की गई हैं।
क्षेत्र में बरामदगी के लिहाज से अब तक का यह वाहन चोरी का सबसे बड़ा खुलासा है।
गंगनहर कोतवाली में एसपी देहात अजय सिंह ने पत्रकारों को बताया कि रविवार की सुबह सुनहरा गांव के जंगल से पुलिस ने छह लोगों को सात बाइक के साथ गिरफ्तार किया।
दो हुए फरार
पकड़े गए लोगों में शाहपुर, भगवानपुर निवासी इंतजार, हसीन, बिसाल, देवबंद के लालवाला मोड़ निवासी अंकित उर्फ सोनू, ग्राम मानकी निवासी शमशाद उर्फ भूरा तथा हाशिमपुरा निवासी गय्यूर हैं जबकि दीपक निवासी प्रेमराजपुर थाना भगवानपुर और एक अन्य फरार हो गए। बिसाल नानौता क्षेत्र के ग्राम धरी का मूल निवासी है।
गिरोह का सरगना लूट में जा चुका है जेल
बाइक चोर गिरोह का सरगना इंतजार पहले भी झबरेड़ा क्षेत्र में हुई ट्रैक्टर लूट के मामले में जेल जा चुका है। आरोपी ने बताया कि करीब डेढ़ माह से यह गिरोह शहर में वारदात कर रहा था।
पढ़ें, फेसबुक पोस्ट पर दूसरे दिन भी हंगामा, फायरिंग
करीब तीस से अधिक बाइक शहर और आसपास के क्षेत्र से चोरी की गई है। पुलिस अभी और बाइक बरामद होने की भी संभावना जता रही है। साथ ही इस गिरोह में एक टिकौला के युवक के शामिल होने की भी बात सामने आई है।
पढ़ें, दो नाबालिग छात्राओं को बंधक बना रातभर दुष्कर्म
इस आरोपी के कब्जे से भी कई वाहन बरामद होने की संभावना है। इस गिरोह ने शहर में बड़ा आतंक मचा रखा था।
कटी हुई बाइकें हुईं बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर दीपक के घर से 13 बाइक मिली जबकि तीन बाइक कटी-फटी हालत में बरामद हुई हैं। आरोपियों के कब्जे से दो देशी तमंचे और कारतूस तथा चाकू भी मिले हैं।
शातिराना अंदाज में ठिकाने लगाते थे वाहन
वाहन चोर गिरोह के शातिर सदस्य बड़े शातिराना अंदाज में चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाते थे। एक-एक कर बाइक को यूपी में बेचा जाता था।
पढ़ें,उत्तराखंड सरकार नहीं चाहती थी पंचायत चुनाव
फरार आरोपी दीपक के घर में वाहनों को काटकर उनका इंजन और अन्य पुर्जे अलग कर मेरठ कबाड़ी बाजारी में बेचते थे।
चोरी किए वाहन दीपक के प्रेमराजपुर स्थित घर में छिपाकर रखे जाते थे। यहां वाहनों का कटान होता था।
पढ़ें,सेना भर्ती में जा रहे हैं तो ये खबर जरूर पढ़ें
कबाड़ी की एक दुकान भी वहीं बना रखी थी। यहां पर छिपाए गए वाहनों की निगरानी दीपक के पिता के जिम्मे थी।
एक-एक बाइक ले जाते थे यूपी
पुलिस के अनुसार चोरी किए वाहनों को बेचने का जिम्मा देवबंद निवासी शमशाद पर था जबकि फारुख यहां से एक-एक बाइक यूपी ले जाकर बेचता था। पुलिस की पूछताछ में यह बात भी आई है कि आरोपियों ने एक बाइक मात्र एक हजार रुपये में बेच दी थी। इस पूरे गिरोह का संचालन इंतजार करता था।
साहब, मेरी बाइक भी मिली क्या
वाहन चोर गिरोह के पकड़े जाने के बाद कोतवाली में ऐसे लोगों की भीड़ जुट गई जिनकी बाइक चोरी हुई है। ऐसे लोग पुलिस से अपनी बाइक के बारे में जानकारी लेते रहे।
शहर से चोरी हुई दो लोगाें ऐसे सामने आए है जिनकी बाइक बरामद हुई है। मीडियाकर्मी ईश्वर की बाइक कटी-फटी हालत में मिली जबकि रामगोपाल की बाइक सही हालत में बरामद हुई।